
नालंदा जिला में धान की खरीद में गड़बड़झाले की बात सामने आई है। जिसके बाद जिलाधिकारी डॉक्टर त्यागराजन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। डीएम के आदेश पर राज्य खाद्य निगम में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की गई । इस दौरान सेंट्रल को-आपरेटिव बैंक के अध्यक्ष अमरेन्द्र कुमार मुन्ना, जिला खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी रविशंकर उरांव और राज्य खाद्य निगम के प्रभारी पदाधिकारी राम बाबू शामिल थे। इस दौरान पदाधिकारियों ने धान अधिप्राप्ति संबंधी सभी कागजातों की जांच की। साथ ही इस साल इंफोर्समेंट, नियमित गोदाम खोलने, दो दिन के अंदर सीएमआर का बिल देने और उसके तीन दिन के अंदर सीएमआर के बिल का भुगतान करने का निर्देश दिया गया। वहीं डीएम ने पूरे मामले को संज्ञान में लेते हुए साल 2016-17 के धान आधिप्राप्ति में पैक्स से संबंधित जिनका भंडारण शून्य हो गया है। उसका भुगतान 4 से 5 दिन में कर देने का निर्देश दिया। आपको बता दें कि पैक्स संघ के जिलाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार मुन्ना ने राज्य खाद्य निगम में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया था। उनका आरोप था कि राज्य खाद्य निगम अवैध वसूली के चक्कर में भुगतान नहीं कर रहा है। जिसके बाद डीएम डॉक्टर त्यागराजन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं