
बिहारशरीफ वासियों के लिए बुरी खबर और निराशाजनक खबर है। शुरुआत में ही बिहारशरीफ का स्मार्ट सिटी परियोजना फेल हो गया है। केंद्र सरकार ने अपनी रिपोर्ट में बिहारशरीफ को 100 अंक में से जीरो नंबर दिया है। जबकि बिहार के दो अन्य शहरों को टॉप 25 में जगह मिली है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने देश के 98 शहरों के बीच तय की रैंकिंग के आधार पर ये रिपोर्ट जारी की है। केंद्र द्वारा जारी सूची में भागलपुर को 16वां स्थान जबकि पटना को 22वां स्थान मिला है। पटना को 56.95 फीसदी और भागलपुर को 78.04 फीसदी अंक प्राप्त हुए हैं। जबकि बिहारशरीफ को जीरो अंक मिला है। जीरो अंक मिलने का मतलब ये हुआ कि बिहारशरीफ में स्मार्टसिटी को लेकर अबतक कोई काम शुरू नहीं हो पाया है।
क्या कहते हैं अधिकारी
इस मामले पर बिहारशरीफ नगर निगम के आयुक्त सौरभ जोरवाल का कहना है कि स्मार्ट सिटी की रैंकिंग दी गई राशि औऱ उसपर हुए व्यय के आधार पर निकाली जाती है । बिहारशरीफ को केंद्र सरकार से कोई राशि नहीं प्राप्त हुई है । कुछ समय पहले केंद्र से व्यय प्रतिवेदन मांगा गया था उसी के आधार पर रैंकिंग हुई है।
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नगर आयुक्त भले ही जो सफाई दे लें। लेकिन अब सवाल उठना लाजिमी है। सवाल ये भी उठ रहा है कि अब तक किसी एजेंसी का चयन तक नहीं हो पाया है ,जो बिहारशरीफ को स्मार्टसिटी बनाने का काम करेगी। जबकि बिहारशरीफ में एक जून से ही काम शुरू होने वाला था। सवाल स्मार्टसिटी बोर्ड के तमाम अधिकारियों पर भी उठ रहे हैं? आपको बता दें कि बिहारशरीफ स्मार्टसिटी प्रोजेक्ट के लिए 6 कंपनियों ने अपना टेंडर डाला है। जिसमें स्पेन की कंपनी एप्टिसा सर्विसेज,मैड्रिड भी शामिल है। लेकिन टेंडर का चयन अब तक नहीं हो पाया है।
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