सुधा के उत्पाद 2 से 20 रुपए तक महंगा.. जानिए किसका कितना बढ़ा दाम

0

बिहार की जनता पर महंगाई की एक और मार पड़ी है. बिहार में सुधा दूध और उसके अन्य उत्पादों की कीमतों में इजाफा कर दिया गया है. जिसके बाद सुधा का दूध, पनीर, पेड़ा,मक्खन, गुलाब जामुन,रसगुल्ला समेत सब कुछ महंगा हो गया है.

14 महीने बाद वृद्धि
इससे पहले नवंबर 2019 में सुधा ने दूध समेत अपने दूसरे उत्पादों की कीमतों में इजाफा किया था.

टेट्रा पैक महंगा नहीं
सुधा की ओर से कहा गया है कि सुधा के दही और टेट्रा पैक फ्लेवर्ड दूध आदि की कीमतों में इजाफा नहीं किया गया है.

इसे भी पढ़िए-बिहारशरीफ में कोचिंग के लिए निकली 17 साल की छात्रा का किडनैपिंग के बाद हत्या.

दूध दो रुपए लीटर महंगा
बिहार में सुधा दूध की कीमत में दो रूपये की बढ़ोतरी की गई है. अब दूध के सभी प्रोडक्ट्स पर 2 रूपये की अतिरिक्त कीमत लगेगी.

सुधा के उत्पाद         पहले       अब
—————–
फूल क्रीम                    50           52
आधा लीटर                 25           26
—————
स्टैंडर्ड                         43          46
आधा लीटर                  22          23
——————–
गाय                              41           43
आधा लीटर                    21            22
——————-
घी ( आधा किलो)            230        250
———————
पनीर ( 200 ग्राम)             68           70
———————-
मिल्क केक- पेड़ा                90         100
( 250 ग्राम)
————————
मक्खन (100 ग्राम)              46         48
————————
गुलाब जामुन ( 1kg)              210        220
——————
बालूशाही ( 1kg)                 210          220
———————-
रसगुल्ला ( 1kg)                   200        210

पशुपालकों को मिलेगा फायदा
सुधा डेयरी की ओर कहा गया है कि पशुपालकों की ओर से लगातार मूल्य में वृद्धि करने की मांग की जा रही थी। जिसके चलते कीमतों में वृद्धि करने का फैसला किया गया है। अब पशुपालकों को दिए जाने वाली कीमत में प्रति किलो 1.36 रुपये से 2.43 रुपये तक बढ़ा दी है।

अलग-अलग फैट पर अलग कीमतें
सुधा डेयरी का कहना है कि अलग-अलग फैट के दूध की नई कीमत तय की गई है, जिसका भुगतान अब पशुपालकों को किया जाएगी। पशुपालकों को अब 30.74 रुपये प्रति किलो से लेकर 39.57 रुपये किलो की दर से भुगतान किया जाएगा। साथ ही दूध के मूल्य का करीब 0.5 प्रतिशत समिति सचिव के मार्जिन में सशर्त वृद्धि की गई है।

60 फीसदी दूध बाजार पर कब्जा
आपको बता दें कि सुधा दूध का बिहार में 60 प्रतिशत दूध मार्केट पर कब्जा है. यानी की आधे से अधिक लोगों के घरों में सुधा का दूध ही जाता है. प्रतिदिन 17.5 लाख किलो दूध समिति द्वार एकत्र किया जा रहा है. जिसमें से 16 लाख लीटर दूध की बिक्री पाउच में पैक कर किया जा जा रहा है.

कितने डेयरी को-ऑपरेटिव सोसाइटी
बिहार में डेयरी को-ऑपरेटिव सोसाइटी की संख्या 24 हजार है। जिसमें 12 लाख 50 हजार पशुपालक सदस्य हैं। इनमें एक लाख 53 हजार महिला सदस्य हैं। इन्हीं द्वारा उत्पादित दूध की खरीद समिति करती है। पशुपालकों के दूध की मात्रा के अनुसार उनकी आमदनी होती है।

Load More Related Articles
Load More By Nalanda Live
Load More In बढ़ता बिहार

Leave a Reply

Check Also

चपरासी से TTE में हुआ प्रमोशन तो बन गया ‘नरपिचाश’… जानिए पूरी वारदात

नालंदा जिला में महज एक शख्स महज कुछ पैसे के लिए नरपिचाश बन गया। जिसके साथ सात जन्मों तक सा…