
#MeToo कैंपेन में आखिरकार एमजे अकबर को हार का सामना करना पड़ा। विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों से खबर है कि प्रधानमंत्री मोदी के कहने पर एमजे अकबर ने मंत्री पद से इस्तीफा दिया है। बताया जा रहा है कि #MeToo कैंपेन में जिस तरह से 20 महिलाओं ने एमजे अकबर पर आरोप लगाए और इस्तीफे को लेकर सरकार टाल मटोल कर रही थी । उससे संघ खासा नाराज था। #MeToo को लेकर देश में बढ़ते बवाल को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर को इस्तीफा देने को कहा।
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इस्तीफे पर क्या बोले MJ अकबर
विदेश राज्यमंत्री MJ अकबर ने कहा कि वो अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि जिस तरह से उनपर निजी हमले किए गए हैं उसके खिलाफ इंसाफ की लड़ाई को लेकर वो कोर्ट जाएंगे। साथ ही उन्होंने मंत्री बनाए जाने को लेकर प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को धन्यवाद दिया।
प्रिया रमानी ने बताई जीत
एमजे अकबर पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली महिला पत्रकार प्रिया रमानी ने इसे बड़ी जीत बताया है। प्रिया रमानी ने ट्वीट कर कहा कि MJ अकबर के इस्तीफ से उनकी बातें सही हुई है। आपको बता दें कि MJ अकबर ने मी टू कैंपने के तहत आरोप लगाने वाली महिला पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज किया है।
क्या है मामला
#MeToo अभियान के तहत अभी तक 20 महिला पत्रकारों ने एमजे अकबर के ऊपर यौन शोषण का आरोप लगाया है. अकबर पर ये सभी मामले 10 से 15 साल पुराने हैं, जब अकबर मीडिया जगत से जुड़े हुए थे. एमजे अकबर ने मामले में सबसे पहले आरोप लगाने वाली प्रिया रमानी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा भी दर्ज किया हुआ है, मुकदमा लड़ने के लिए उन्होंने करांजावाला लॉ फर्म की मदद ली है.