
बिहारशरीफ के लहेरी थाना के पुलिसवाले दहशत में हैं. जिन पुलिस वालों पर जिले की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है । वे ही पुलिसवाले असुरक्षित हैं. उन्हें जान का भय सता रहा है . जैसे जैसे बरसात बढ़ रहा है वैसे वैसे उनकी धड़कनें भी बढ़ रही है । उन्हें डर बदमाशों से नहीं है बल्कि थाने की इमारत ने उनकी नींद उड़ा रखी है ।
जर्जर हो चुकी है बिल्डिंग
दरअसल, लहेरी थाना की बिल्डिंग जर्जर हो गई है । थाना के छत का प्लास्टर टूट कर गिर रहा है। जिससे सिपाही से लेकर दारोगा तक सब आशंकित हैं. थाना का कमरा ही नहीं बरामदों का भी यही हाल है। बारिश में जगह-जगह छत टपक रहा है। एक कमरे के फाइलों का अंबार लगा है। लाल कपड़े में फाइलों को बांध कर किसी तरह रखा गया है। पानी टपकने से दस्तावेजों का नुकसान हो रहा है।
थानेदार के कमरे में भी टपकता है पानी
थानेदार के चेंबर का भी यही हाल है। बारिश होने पर चेम्बर में भी पानी टपकता है। मालखाना का भी यही हाल है। थाना में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। न पीने के पानी की व्यवस्था है और न ही शौचालय का इंतजाम.

सरिया छत की भार उठाने के काबिल नहीं
छत से प्लाटर गिर जाने की वजह से जगह जगह छत का सरिया नजर आता है.जो जंग खाकर पूरी तरह बेकार हो चुका है। ये सरिया अब छत के भार उठाने के काबिल नहीं रहें। कभी-भी जंग खाई रॉड छत को नीचे गिरा सकता है।
साल 1935 में बना था थाना भवन
लहेरी थाना जिस कमरे में चल रहा है वो 1935 में बना था। कमरे के अलावा हाजत, बरामद और छोटा हाजत है। छोटा सा भवन इतना जर्जर हो चुका है कि कभी-भी यहां अप्रिय घटना हो सकती है। 2013 में नए थाना भवन निर्माण कार्य यहां शुरू हुआ था। निर्माणाधीन भवन की भूमि पर कुछ लोगों ने दावा करते हुए न्यायालय में केस कर दिया। वर्ष 2019 में न्यायालय से फैसला आया और उक्त भूमि पर थाना निर्माण की अनुमति दी गई। बावजूद इसके नए थाना भवन का निर्माण कार्य अधर में लटका है।
टेंडर के अभाव में अधर में निर्माण
लहेरी थाना के थानाध्यक्ष बिरेंद्र यादव ने बताया कि थाना में सुविधाओं का अभाव है। जर्जर छत बारिश में टूट कर गिर रहा है। कई बार पदाधिकारी-कर्मी बालबाल बचे हैं। कोर्ट से डिग्री मिलने के बाद डीजी ने नए थाना भवन निर्माण की अनुमति फरवरी माह में दे दी है। टेंडर के अभाव निर्माण अधर में है।