
प्रधानमंत्री मोदी की महत्वाकांक्षी योजना जल शक्ति अभियान का राष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग जारी की गई है । जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा को सातवां स्थान मिला है। जबकि प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को पहला स्थान प्राप्त हुआ है । इस बात की जानकारी खुद नालंदा के जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह ने दी है ।
पहले सप्ताह की रैंकिंग जारी
47 दिनों तक चलने वाले जल शक्ति अभियान के पहले सप्ताह की राष्ट्रीय स्तर की रैंकिग जारी की गई है । जिसमें नालंदा जिला को सातवां स्थान आया है। इस अभियान का पहला चरण एक जुलाई से 15 सितंबर तक चलेगा। उसके बाद देश के सभी राज्यों में 1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक दूसरे चरण का अभियान चलाया जाएगा।
नालंदा में कहां-कहां चल रहा है अभियान
नालंदा जिला के कई इलाकों में जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है । जिले के अस्थावां, बिद, गिरियक, करायपरशुराय और राजगीर में जलस्तर बेहद नीचे चला गया है। इसी कारण केन्द्रीय जलशक्ति मंत्रालय ने इन प्रखंडों में जल संरक्षण और संग्रह के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। जल संरक्षण और संचय के लिए सात विभागों को समन्वय स्थापित कर काम करने को कहा गया है। पहले सप्ताह के प्रदर्शन से उत्साहित डीएम ने कहा कि अगले सप्ताह की रैंकिग में जिला और उपर जाएगा। जल संरक्षण के प्रति आम लोग और प्रशासन दोनों सजग हैं। इसका सकारात्मक परिणाम मिलेगा।
नालंदा के अलावा कहां-कहां चल रहा है अभियान
बिहार में जल स्तर की कमी वाले 12 जिलों को केंद्र सरकार ने जलशक्ति अभियान के लिए चुना है। जिसमें नालंदा के अलावा बेगुसराय, भोजपुर, गया, गोपालगंज, जहानाबाद, कटिहार, मुजफ्फरपुर, नवादा, पटना, सारण और वैशाली जिला शामिल हैं। नवादा जिला के एकमात्र प्रखंड का चयन किया गया है।
क्या है जल शक्ति अभियान
जल शक्ति अभियान के तहत जल का सदुपयोग एवं संरक्षण के प्रति लोगों को प्रेरित करना है। इसके लिए वर्षा जल संचय, तालाबों तथा कुआं जैसे पारंपरिक जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार, भूजल रिचार्ज के लिए सोख्ता निर्माण, वाटर शेड का विकास एवं सघन पौधारोपण करना है। वहीं नाले-नालियों तथा पंप हाउस के पास सोख्ता भी बनाए जाने हैं। ताकि भूजल रिचार्ज हो सके और गर्मी के दिनों में जलस्तर न गिरे।