Home खास खबरें इतिहास रचने को बेताब है बिहार, आप भी आइए ना..

इतिहास रचने को बेताब है बिहार, आप भी आइए ना..

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बिहार एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार है। मानव श्रृंखला के अपने पिछले दो वर्ल्ड रिकॉर्ड को तोडऩे और नया रिकॉर्ड बनाने के लिए बिहार के लोग बेताब हैं. ऐसे में आप भी आइए और इसका हिस्सा बन सकते हैं

गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स
मानव श्रृंखला को गिनिज बुक ऑफ वर्ल्‍ड रिकार्ड्स में शामिल करने की कोशिश की जा रही है। जल-जीवन-हरियाली, नशामुक्ति, बाल विवाह एवं दहेज प्रथा उन्मूलन के खिलाफ रविवार को पूरे प्रदेश में विश्व की सबसे बड़ी मानव श्रृंखला बनेगी।

सुबह 11.30 बजे से दोपहर 12 बजे तक मानव श्रृंखला
19 जनवरी यानि रविवार को सुबह 11.30 बजे से दोपहर 12 बजे तक बनने वाली मानव श्रृंखला में 4 करोड़ 27 लाख से ज्यादा लोग एक-दूसरे का हाथ थाम कर खड़े होंगे और देश-दुनिया को संदेश देंगे। मानव श्रृंखला के जरिये बिहार का मानचित्र बनाया जाएगा।

सांसद और विधायक भी होंगे शामिल
मानव श्रृंखला में बिहार के सांसदों (लोकसभा और राज्यसभा), बिहार विधान मंडल के सदस्यों के अलावा सभी जनप्रतिनिधियों की भागीदारी होगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी, शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, जल पुरुष राजेंद्र सिंह एवं यूनाइटेड नेशंस के प्रतिनिधि अतुल बगाई गांधी मैदान में इसका हिस्सा बनेंगे।

नशामुक्ति को लेकर बना था रिकॉर्ड
इससे पहले बिहार ने साल 2017 में नशामुक्ति (शराबबंदी) अभियान को सफल बनाने के लिए विश्व की सबसे लंबी मानव श्रृंखला बनी थी. जो 11 हजार 292 किलोमीटर लंबी थी

दहेज उन्मूलन ने तोड़ा था रिकॉर्ड
साल 2017 के वर्ल्ड रिकॉर्ड को बिहार वासियों ने 2018 में तोड़ा था। साल 2018 में दहेज प्रथा एवं बाल विवाह के खिलाफ 13 हजार 654 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाई गई थी।

2020 में टूटेगा 2018 का रिकॉर्ड
माना जा रहा कि साल 2020 में साल 2017 और साल 2018 का भी रिकॉर्ड टूटने वाला है. क्योंकि इस बार जल जीवन और हरियाली को लेकर मानव श्रृंखला बनाई जा रही है . जो 18 हजार 351 किमी लंबी होगी, जो पिछली दो मानव श्रृंखला की तुलना में 20 फीसदी ज्यादा लंबी होगी।

सभी 38 जिलों में हुआ पूर्वाभ्यास
मानव श्रृंखला को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए सभी 38 जिलों में पूर्वाभ्यास किया गया। इसमें सभी तरह से सुरक्षा इंतजाम को जांचा-परखा गया।

सरकार खुद डाक्यूमेंटेशन में जुटी
राज्य सरकार खुद ही मानव श्रृंखला का डॉक्यूमेंटेशन कराने में जुटी है, जिसे प्रमाण स्वरूप वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज कराने वाली अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को सौंपा जाएगा। इसके लिए 15 हेलीकॉप्टर से सभी जिलों में मानव श्रृंखला की एरियल फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की जाएगी। इसमें बिहार फ्लाइंग क्लब के 3 हेलीकॉप्टर के अलावा किराये के 12 हेलीकॉप्टर को लगाया गया है।

ड्रोन फोटोग्राफी को महत्व नहीं
इस बार ड्रोन फोटोग्राफी को महत्व इसलिए नहीं दिया जा रहा है कि पिछले दो अवसर पर ड्रोन से अच्छी फोटोग्राफी नहीं हो पायी थी। सरकार ने नया रिकॉर्ड कायम करने जा रही मानव श्रृंखला के कवरेज और जानकारी के लिए यूनाइटेड नेशन, लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि को आमंत्रित किया है।

हर पंचायत और हर वार्ड में रूट तय
मानव श्रृंखला की तैयारी में सभी 47 विभागों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। इसके मद्देनजर प्रशासनिक स्तर पर मानव शृंखला को लेकर सभी पंचायत से लेकर वार्ड तक में रूट तय किया गया है।

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