Home खास खबरें बड़ी कार्रवाई- राबड़ी देवी और उनकी बेटी के तीन बेनामी प्लॉट जब्त

बड़ी कार्रवाई- राबड़ी देवी और उनकी बेटी के तीन बेनामी प्लॉट जब्त

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लालू-राबड़ी परिवार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहा है । इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने बिहार के पूर्व सीएम राबड़ी देवी और उनकी बेटी हेमा यादव की अवैध संपत्ति जब्त किया है। राबड़ी देवी के जिन तीन प्लॉट को जब्त किया गया है. उसमें ढाई डिसमिल का एक प्लॉट फुलवारीशरीफ के सगुना इलाके और पौने आठ डिसमिल के दो प्लॉट धनौत (फुलवारीशरीफ) में शामिल हैं.

क्या है पूरा मामला
ये तीनों प्लॉट दूसरे लोगों के नाम से थे, जिन्होंने गिफ्ट के तौर पर राबड़ी देवी और हेमा यादव को दिया था. लेकिन जांच के दौरान पूरी हकीकत सामने आयी और बेनामी संपत्ति एक्ट के तहत इन्हें जब्त किया गया है. धनौत की जमीन ललन चौधरी और सगुना की जमीन ह्रदयानंद चौधरी के नाम पर थी.

ये दोनों गोपालगंज जिले के रहने वाले हैं और वे पहले लालू प्रसाद की गोशाला में काम करते थे. वर्तमान में ह्रदयानंद चौधरी राजेंद्र नगर टर्मिनल पर रेलवे विभाग में चतुर्थवर्गीय कर्मचारी हैं, जबकि ललन चौधरी विधानसभा में चतुर्थवर्गीय कर्मचारी के पद पर कार्यरत हैं. जब्ती से पहले राबड़ी देवी और हेमा यादव से आयकर विभाग ने इस संपत्ति के बारे में कई सवाल किये थे, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिला.

इन दोनों कर्मियों ने जनवरी, 2014 में अपनी-अपनी जमीन राबड़ी देवी और हेमा यादव को गिफ्ट कर दी थी. गिफ्ट के दौरान की गयी रजिस्ट्री के रुपये भी इन दोनों ने अपनी तरफ से दिये थे. सगुना में मौजूद प्लॉट राबड़ी देवी के नाम से है, जबकि धनौत के दो प्लॉट में एक राबड़ी देवी और एक हेमा यादव के नाम पर है. गिफ्ट देने वाले इन दोनों कर्मियों के पास रहने के लिए अपना घर तक नहीं है. ये दोनों वर्तमान में किराये के मकान में रहते हैं.

फिर भी राबड़ी देवी और हेमा यादव को अपने प्लॉट गिफ्ट कर दिये. दोनों कर्मियों ने अपनी प्रॉपर्टी रिटर्न में भी दोनों प्लॉट का कहीं कोई उल्लेख नहीं किया है. सबसे ताज्जुब वाली बात यह है कि इन दोनों कर्मियों ने एक साथ दोनों प्लॉट 2008 में खरीदे थे और दोनों ने फिर एक साथ ही इन्हें गिफ्ट भी कर दिया.

इस मामले को लेकर अगस्त और सितंबर, 2018 में राबड़ी देवी और हेमा यादव को आयकर का नोटिस भी भेजा गया था. तब इसके बाद उन्होंने आनन-फानन में इन दोनों प्लाॅट को विधायक अबु दोजाना की कंपनी मेरिडियन कंस्ट्रक्शन को बेच दिया. संपत्ति की जब्ती की कार्रवाई से बचाने के लिए ऐसा किया था.

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लेकिन बेनामी संपत्ति एक्ट के तहत यह प्रावधान है कि बेनामी संपत्ति साबित होने के बाद अगर किसी ने इसे बेच भी दिया, तो इसका डीड रद्द हो जाता है. इस तरह संपत्ति बेचने के बाद भी इनका डीड रद्द हो गया और इन्हें जब्त कर लिया गया.

पहले भी जब्त हो चुकी है लालू परिवार की संपत्ति
इससे पहले भी आयकर विभाग और इडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने भी लालू परिवार की कुछ संपत्तियों को जब्त कर चुके हैं. पटना में सगुना मोड़ के पास निर्माणाधीन मॉल की जमीन के अलावा गोला रोड में तीन फ्लैट भी जब्त किये जा चुके हैं. पटना और आसपास के इलाके में अलग-अलग स्थानों पर तीन प्लॉट जब्त किये जा चुके हैं.

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इसके अलावा तेज प्रताप यादव के नाम से मौजूद फर्जी कंपनी फेयरग्रो प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर एयरपोर्ट के पास मौजूद करीब सात हजार वर्गफुट में बना मकान भी आयकर जब्त कर चुका है. हालांकि, जब्त इन संपत्तियों में कुछ संपत्तियों को अंतिम रूप से जब्त करने से जुड़ा मामला फिलहाल एडजुकेटिंग ऑथिरिटी में चल रहा है. इसका फैसला भी जल्द ही आने वाला है.

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