Home खास खबरें 1 जून से स्मार्ट बनना शुरू होगा बिहारशरीफ, पहले क्या-क्या बनेगा.. जानिए

1 जून से स्मार्ट बनना शुरू होगा बिहारशरीफ, पहले क्या-क्या बनेगा.. जानिए

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बिहारशरीफ को स्मार्टसिटी बनाने की प्रक्रिया एक जून से शुरू हो जाएगा। पहले चरण में बेहतर ड्रेनेज सिस्टम बनाने और आसान रोड नेटवर्क बहाल करने के साथ साथ आईटी सेंटर बनाया जाएगा। इसके लिए सोमवार को पटना में कमिश्नर आनंद किशोर की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें बिहारशरीफ नगर निगम का भौगोलिक परिचय कराया गया यानि ये शहर कहां तक फैला है ? कहां पर जाम की समस्या रहती है ? कहां पर जलजमाव की समस्य़ा है ? कहां टेंपो स्टैंड हैं ? कहां बस स्टैंड है ? क्या रेलवे स्टेशन है ? कहां कॉलेज है ? कहां सब्जी मंडी है ? इन सबों के बारे में बताया गया। इस बैठक में बिहारशरीफ को स्मार्ट बनाने वाली 9 कंस्लटेंट कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। जिनसे 21 अप्रैल तक शहर को स्मार्ट बनाने के लिए उनके पास क्या प्रपोजल हैं इसकी जानकारी देने को कहा गया है। साथ ही इन एजेंसियों को बिहार शरीफ के अलग-अलग हिस्सों में जाकर ग्राउंड रिपोर्ट बनाने को भी कहा गया है। नगर आयुक्त सौरभ जोरवाल ने बताया कि पहले चरण में ड्रेनेज सिस्टम और रोड नेटवर्क सुधारने का प्रपोजल इसलिए बनाया गया है कि बिहारशरीफ की सबसे बड़ी समस्या जल-जमाव रहा है। जल-जमाव तभी होता है जब नाले-नालियां ओवर फ्लो होने लगती। ओवर फ्लो इसलिए होता है क्योंकि नाले-नालियां जाम रहती हैं। इसी को लेकर पहले ड्रेनेज बनाकर उसके उपर स्लैब डालकर ढका जाएगा। दूसरी समस्या सड़क जाम की है। इसकी सबसे बड़ा वजह है सड़क की चौड़ाई कम होना। ड्रेनेज के निर्माण के बाद सड़क की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी और अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। शहर के अधिकांश सड़कों के बीच उसकी चौड़ाई के हिसाब से डिवाइडर का निर्माण कराया जाएगा। टेंपो तथा वाहन पार्किंग की सुविधा रहेगी। यहां-वहां गाड़ियां पार्क करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में कमिश्नर आनंद किशोर जो पहले नालंदा जिले के डीएम भी रह चुके हैं उन्होंने कहा कि कंपनियों को साफ शब्दों में हिदायत दी कि स्मार्ट सिटी के काम में बिलंब किया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्मार्ट सिटी योजना के तहत जो कार्य शुरू हो उसे समय-सीमा के अंदर पूरा करना होगा। साथ ही नगर आयुक्त को कंसल्टिंग कंपनियों के साथ रोजाना बैठक कर प्रगति की मॉनेटरिंग तैयार करना होगा जिसे हर हफ्ते कमिश्नर को सौंपेंगे जो इसकी मॉनिटरिंग करेंगे। प्रमंडलीय आयुक्त यानि कमिश्नर आंनद किशोर ने कहा कि कार्य में देरी हुआ है लेकिन हमें सबसे आगे निकलना है । इस सोच के तहत करना हमें कार्य करना होगा।

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