Home खास खबरें नीतीश कुमार ने ‘सेवक’ को छोड़कर ‘राम’ के ‘कुश’ पर क्यों जताया भरोसा?.. जानिए प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने की इनसाइड स्टोरी

नीतीश कुमार ने ‘सेवक’ को छोड़कर ‘राम’ के ‘कुश’ पर क्यों जताया भरोसा?.. जानिए प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने की इनसाइड स्टोरी

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बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक्शन में हैं. नीतीश कुमार ने जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के बाद अब प्रदेश अध्यक्ष को भी बदल दिया है. उन्होंने उमेश कुशवाहा को बिहार जेडीयू का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है. बताया जा रहा है कि पहले रेस में नीरज कुमार थे. लेकिन बाद में रामसेवक सिंह को बुलाकर नीतीश कुमार ने मुलाकात की थी.

उमेश कुशवाहा को भी नहीं थी जानकारी
बताया जा रहा है कि इस बात की जानकारी खुद उमेश कुशवाहा को भी नहीं थी. लेकिन नीतीश कुमार अक्सर अपने फैसलों से चौंकाते रहे हैं। इस बार भी ऐसा ही हुआ। नीतीश कुमार ने जिस तरह से उमेश कुशवाहा पर अपना भरोसा जताया इससे उन्होंने खास सियासी संकेत देने की कोशिश की है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अपने लव कुश समीकरण पर ही आगे बढ़ना चाहते हैं।

रामसेवक क्यों बैठे रह गए
गोपालगंज के उचकागांव प्रखंड के असनंद टोला निवासी रामसेवक सिंह वहां बलेसरा पंचायत के मुखिया रहे। इसके बाद नीतीश कुमार ने उन्हें MLA का टिकट दिया। जीते और लगातार चार बार। मंत्री बने। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद का गांव फुलवरिया और ससुराल सेलारकला गांव इन्हीं के विधानसभा क्षेत्र में पड़ता है। चार बार से RJD सारी ताकत झोंककर हार रहा था, लेकिन इस बार रामसेवक हार गए। पिछली सरकार में मंत्री रहे रामसेवक पहले दो बार सत्तारूढ़ दल (JDU) ने मुख्य सचेतक भी रहे हैं। अपनी सीट से हारने के बाद भी नीतीश कुमार ने वफादार जानकर इन्हें बुलाया था। लेकिन, बताया जा रहा है कि रामसेवक के बैठे रह जाने का कारण उनका उपनाम भी है। उमेश की एंट्री के साथ कुशवाहा टाइटल से साफ मैसेज जाएगा कि राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) के उपेंद्र कुशवाहा आएं या नहीं, मगर JDU ने अपने अंदर भी कुशवाहा को किनारे नहीं छोड़ा है।

क्या है लव कुश समीकरण
नीतीश कुमार की पार्टी JDU को लव-कुश समीकरण के लिए ही शुरू में जाना जाता था। JDU नाम दिए जाने से पहले समता पार्टी की स्थापना के समय ही जॉर्ज फर्नांडीस ने कुर्मी जाति के नीतीश कुमार का साथ देने के लिए कोइरी जाति के शकुनी चौधरी को आगे किया था। कोइरी को कुशवाहा भी कहा जाता है। ऐसे में ‘कुश’ नाम इससे निकल गया तो कुर्मी को ‘लव’ कहा गया। इस तरह JDU की शुरुआत से ही लव-कुश समीकरण की चर्चा हमेशा रही है। पार्टी में हर स्तर पर इस समीकरण का ख्याल रखा जाता है।

जानिए कौन हैं उमेश कुशवाहा
उमेश कुशवाहा को जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दिए जाने के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं। सबसे अहम वजह है कि अभी वो युवा हैं। पार्टी को एक युवा नेतृत्व की जरूरत है। उमेश कुशवाहा जेडीयू से विधायक रह चुके हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव में वह महनार विधानसभा सीट से एनडीए के उम्मीदवार थे। हालांकि, आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़ने वाली बीना सिंह ने जेडीयू के उमेश सिंह कुशवाहा को हरा दिया।

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