
चांद पर भारतीय तिरंगा लहराएगा और इसके गवाह खुद पीएम मोदी बनेंगे. पीएम मोदी ने देश के लोगों से चंद्रयान 2 के लैंडिंग को देखने की अपील की है. चंद्रयान के सतह पर उतरते हुए दृश्य को देखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Prime Minister Narendra Modi) भी बेंगलुरु में इसरो सेंटर में मौजूद रहेंगे और इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनेंगे. पीएम मोदी (PM Modi)के साथ देश के कई बच्चे भी इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने वाले हैं. इनमें एक है बिहार की बेटी सौम्या भी है. अपनी प्रतिभा के दम पर कक्षा आठ की यह छात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चंद्रयान-2 को चंद्रमा की सतह पर स्थापित होते हुए देखेगी.
सौम्या के बारे में जानिए
बोधगया के नजदीक दोमुहान के पास संचालित निजी विद्यालय में पढ़ने वाली सौम्या की प्रतिभा ने उसे एकाएक चर्चा में ला दिया है. सौम्या ने रांची से बेंगलुरू के लिए उड़ान भर ली है. सौम्या बताती है कि दादी की इच्छा थी कि वह आकाश में उड़ान भरे. वह खुद भी तो ऐसा ही चाहती है. मूल रूप से नवादा जिला में वारसलीगंज प्रखंड के बाली गांव की निवासी सौम्या तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी है. पिता राजनंदन शर्मा रिलायंस पेट्रोलियम में इंजीनियर हैं और मां मोनिका कुमारी गृहिणी.
8 मिनट में दिए थे 20 सवालों के जवाब
दरअसल इसरो ने इसके लिए ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया था । जिसमें दस मिनट में 20 सवालों का जबाव देना था. सौम्या को महज आठ मिनट लगे. फिर तो किस्मत ही खुल गई. 29 अगस्त को ई-मेल से उसे कामयाबी की सूचना मिली, उससे शैक्षणिक प्रमाण पत्र आदि की मांग की गई. सत्यापन के पश्चात 31 अगस्त को उसे इसरो से बेंगलुरु आने का निमंत्रण मिला.
सौम्या के लिए दोहरी खुशी का मौका
बकौल सौम्या ये उसके लिए दोहरी खुशी का मौका है. एक तो पहली हवाई जहाज की यात्रा करने का और दूसरी, प्रधानमंत्री के साथ बैठकर चंद्रयान 2 को चंद्रमा की कक्षा में स्थापित होते हुए देखने का. वह कहती है कि मेरी दादी शांति देवी का सपना था कि मेरा नाम अखबार में छपे या टीवी चैनल पर चले. उनका सपना पूरा कर अच्छा लग रहा है.
पिता को बेटी पर गर्व
पिता राजनंदन शर्मा कहते हैं कि सौम्या की सफलता पर गर्व हो रहा है. वह शुरू ही मेधावी रही है. स्कूल में अच्छा रैंक प्राप्त करती है. उसे गायन के साथ नृत्य का शौक है. जानवरों से काफी लगाव है. उसकी इच्छा के अनुसार आगे की पढ़ाई कराएंगे. सौम्या का सपना वैज्ञानिक बनने का है. इसलिए पढ़ाई-लिखाई के अलावा वह केवल डिस्कवरी चैनल देखती है.
देशभर के 72 छात्र ISRO में देखेंगे चंद्रयान 2 की लैंडिंग
सौम्या बताती है कि चंद्रयान 2 को जहां से छोड़ा गया, वहीं बैठकर उसे चंद्रमा (दक्षिणी ध्रुव) पर उतरते देखना मेरे लिए बड़ी बात है. गौरतलब है कि इस कार्यक्रम में देश से लगभग 72 विद्यार्थी शामिल होंगे. जिसमें बिहार से पटना से हर्ष प्रकाश और गया के बोधगया से सौम्या शामिल है.