
बिहार में सर्दी अभी गुलाबी है। यानि वैसी सर्दी जिसमें लोगों को आनंद आता है। लेकिन इस बार बिहार के लोगों को इस साल कड़ाके की ठंड (Winter) काटनी पड़ सकती है. सूबे में अब ठंड ने पूरी तरह से दस्तक दे दी है और लोगों को अब सुबह और शाम गर्म कपड़े और अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है. मौसम विभाग की माने तो 15 दिसंबर से लेकर 15 जनवरी तक ठंड सबसे अधिक रहने की संभावना है और धूलकण की वजह से धुंध (Fogg) रहने की भी संभावना है. वहीं दूसरा कारण यह भी बताया कि हिमालय की ओर से आनेवाली हवा की वजह से ठंड में इजाफा होगी.
15 दिसंबर से बढ़ेगी ठंड
ठंड के दौरान न्यूनतम तापमान और अधिकतम तापमान में बीच-बीच में उतार चढ़ाव देखने को भी मिलेगा. माना यह जा रहा है कि आगामी 15 दिसंबर तक न्यूनतम तापमान घटकर 10 डिग्री से नीचे पहुंच जाएगा और ठंड अपने चरम पर होगा. मौसम वैज्ञानिक यह भी मानते हैं कि पिछले दो सालों में नवंबर और दिसंबर में न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा नीचे नहीं रहा है. नवंबर 2017 में अधिकतम 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था ,जबकि नवंबर 2018 में भी अधिकतम 25 और न्यूनतम 11 डिग्री के आसपास था.
पछुआ हवा से बढ़ेगी कनकनी
उम्मीद यह की जा रही है कि अगर 4 से 5 दिनों में पछुआ हवा बहती है तो न्यूनतम तापमान में भी तेजी से गिरावट होगी और दिन में भी कई जगहों पर आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है. सिहरन भरी ठंड के बाद राजधानी में उलेन ठंड पड़े उलेन कपड़े का बाजार भी गर्म होने लगा है और दुकानदारों को भी उम्मीद है कि स्टॉक में रखे माल इस सीजन में निकल जाएंगे और दिसंबर माह मुनाफे का महीना होगा.
कई इलाकों में कोहरा
नालंदा समेत कई इलाकों में कोहरा भी नजर आने लगा है, तो जगह-जगह लोग अलाव जलाकर शरीर को गर्म कर रहे हैं. इस साल का अब तक का सबसे न्यूनतम तापमान 15 डिग्री तक पहुंचा है जिसकी वजह से ठंड में भी इजाफा हुआ है. ठंड का पिछले एक माह से इंतजार कर रहे हैं लेकिन अब लग रहा है कि ठंड वास्तव में दस्तक दे दी है.