
बिहारशरीफ में प्राइवेट नर्सिंग होम और कोचिंग चलाने वालों पर लगाम कसने की तैयारी शुरू हो गई है। नगर निगम की नजर अब सीधे कोचिंग चलाने वाले, हॉस्टल चलाने वाले, प्राइवेट नर्सिंग होम चलाने वालों और लॉज चलाने वालों पर है । नगर निगम अब इसके लिए डाटाबेस तैयार कर रही है । यानी किस बिल्डिंग में कौन सा कोचिंग चल रहा है ? किस कोचिंग को कौन चला रहा है ? किस कोचिंग में कितन बच्चे पढ़ रहे हैं? कहां कहां नर्सिंग होम चल रहा है ? किस नर्सिंग होम को कौन चला रहा है ? किस नर्सिंग होम में कितने बेड हैं ? किस नर्सिंग होम की आय कितनी है ? नगर आयुक्त सौरभ जोरवाल ने इसके लिए डाटाबेस तैयार करने का आदेश दिया है । बताया जा रहा है कि इसकी जानकारी कोचिंग और दूसरे संस्थान के आसपास के लोगों से ली जाएगी । डाटा बेस तैयार होने पर टैक्स संग्रह के लिए रणनीति बनाई जाएगी। यानि डाटा बेस तैयार होने के बाद कोचिंग,लॉज, नर्सिंग होम आदि पर टैक्स लगाया जाएगा । नगर आयुक्त ने नगर प्रबंधक को अधिकार दिया है कि जो राजस्व कर्मी वसूली कार्य में लापरवाही बरते उनके विरुद्ध कार्रवाई कर सकते हैं। साथ ही प्रॉपर्टी टैक्स वसूली, ट्रेड लाइसेंस की वसूली या अतिक्रमण हटाओ जो भी कार्य है उसका अनुपालन पूरी लगनशीलता से करने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि राजस्व संग्रह ये जो राशि प्राप्त होती है उसे दूसरे दिन हर हाल में कोषपाल के पास जमा कर दें। साथ ही प्रत्येक हफ्ते के बुधवार को राजस्व संग्रह की समीक्षा की जाएगी।