
नालंदा कलेक्टेरियट समेत दूसरे दफ्तरों में काम करने वाले करीब 450 कार्यपालक सहायक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं । वे सहायकों की सेवा नियमित करने, कार्यमुक्त सहायकों को पुन: समायोजित करने आदि पांच सूत्री की मांगों को लेकर सड़क पर उतरे और अपना विरोध प्रकट किया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए समाहरणालय के समक्ष धरना पर बैठ गए। कर्मियों की हड़ताल पर जाने से एक तरफ जहां विभागीय कामकाज ठप हो गया वहीं कई लोगों को प्रमाण पत्र आदि बनाने में काफी परेशानी उठानी पड़ी। धरना पर बैठक सहायकों ने कहा कि सरकार हम कर्मचारियों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि हड़ताल के दो दिन पूर्व बिहार प्रशासनिक मिशन सोसाइटी के अपर मिशन निदेशक डॉ प्रतिमा वर्मा और वित्त एवं लेखा प्रशासनिक पदाधिकारी मनोरंजन कुमार ¨सह ने प्रदेश अध्यक्ष एवं संघ के शीर्ष मंडल के सदस्यों के साथ वार्ता की गई। जिसमें कहा गया कि मानदेय वृद्धि के लिए बेल्ट्रान के माध्यम से परीक्षा आयोजित की जाएगी। उत्तीर्ण होने पर मानदेय में वृद्धि की जाएगी। वक्ताओं ने कहा कि सरकार जानबूझ कर हम कार्यालय सहायकों के साथ इस तरह का काम कर रही है। कर्मियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होगी तब तक हड़ताल जारी रहेगा। इधर, सात सूत्री मांगों को लेकर ग्रामीण आवास कर्मी संघ भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के बाद बुधवार को कार्यपालक सहायक के साथ मानव श्रंखला बनाकर अपना विरोध प्रकट किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान आवास कर्मी मानदेय में तत्काल सम्मानजनक वृद्धि करने, 60 साल की आयु तक सेवा अवधि का विस्तार करने, सेवा का नियमितीकरण करने आदि की मांग कर रहे थे।