
नालंदा जिले में छिनैती और लूट की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है। पहले हिलसा में व्यापारी से 5 लाख 20 हजार की लूट हुई तो अब इस्लामपुर में इलाहाबाद बैंक के कर्मचारी से तीन लाख रुपए की लूट लिए। चार दिन पहले हरनौत में एक महिला से डेढ़ लाख की लूट हुई थी। इन सभी वारदातों में एक चीज कॉमन है वो है.. सारी वारदात में पीड़ित बैंक से पैसा निकालकर जा रहे थे और बाइक सवारों ने लूट लिया। ताजा वाक्या इस्लामपुर की है। जहां पनहर इलाहाबाद बैंक शाखा के हेड कैशियर रामानुज सिंह इस्लामपुर के इलाहाबाद बैंक शाखा से तीन लाख रुपए निकालकर पनहर जा रहे थे। वो बाइक पर पीछे बैठे थे जबकि उनका एक और सहयोगी शशिकांत कुमार बाइक चला रहा था। पीड़ित रामानुज सिंह के मुताबिक जैसे ही उनकी गाड़ी मलहविगहा रोड के पास पहुंची। पीछे से आ रहे बाइक सवार ने झपटा मारकर बैग छिन लिया । जिसमें बाइक असंतुलित हो गई और वे जमीन पर गिर पड़े । बदमाश कैश लेकर फरार हो गया । सवाल ये उठता है कि आखिर वो कौन गैंग है जो वारदात को अंजाम दे रहा है ? सिंदूरिया गैंग के सरगना की गिरफ्तारी के बाद भी क्यों नहीं थम रही है वारदात ? लेकिन हिलसा थाना के दारोगा ने फरमान सुनाया कि कोई व्यापारी बैंक से ज्यादा पैसा निकालें तो इसकी सूचना पुलिस को दें
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आपको बता दें कि शुक्रवार को हिलसा शहर के काली स्थान के पास के गल्ला व्यापारी लक्ष्मण जायसवाल से 5 लाख 20 हजार की लूट हुई थी । वो कैनरा बैंक से 5 लाख 20 हजार रुपये की निकाल कर दुकान जा रहे थे इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों ने रुपया से भरा थैला लूट कर फरार हो गया । चार दिन पहले हरनौत में एसबीआई शाखा से एक महिला पैसे निकालकर घर जा रही थी तभी रास्ते में बाइक सवार ने झपटा मारकर झोला छीन लिया था । ऐसे में सवाल है कि क्या बैंक में कोई है ? या कोई बैंककर्मी ही है जो अपराधियों से मिला है और उसे इसकी सूचना देता है ?
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