
नालंदा के जिलाधिकारी डॉक्टर त्यागराजन एक्शन में हैं। नालंदा के दो रिश्वतखोर एंबुलेंसकर्मियों पर गाज गिरी है। डीएम त्यागराजन ने इन दोनों एंबुलेंसकर्मियों पर केस दर्ज करने का आदेश दिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच राजगीर के एसडीओ को सौंपा है।
क्या है पूरा मामला
सोमवार को राजगीर में मलमास मेला के दौरान एक तांगा गड्ढे में जा गिरा। जिसमें आठ पर्यटक जख्मी हो गए थे। घायल पर्यटकों को इलाज के लिए राजगीर के रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घायलों तीन लोग सीतामढ़ी और तीन राजनगर मधुबनी के थे जबकि दो लोग नालंदा जिला के ही रहने वाले थे। घायलों में से तीन महिलाओं को बिहार शरीफ सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया था। राजगीर से बिहार शरीफ सदर अस्पताल लाने के लिए एंबुलेंसकर्मियों ने पर्यटक से 500 रूपए की रिश्वत मांगी थी। साथ ही इन्हें गलत तारीख की रसीद भी थमा दी थी। ये मामला मीडियाकर्मियों ने जिला प्रशासन के सामने उठाया। जिसके बाद शुरुआती जांच में एम्बुलेंस ड्राइवर सिकंदर कुमार और ईएनटी धनंजय कुमार दोषी पाए गए। इन दोनों के खइलाफ राजगीर थाने में एफआईआर करायी गयी है। साथ ही डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने इसकी जांच का जिम्मा राजगीर एसडीओ को सौंप दिया है।
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आपको बता दें कि मलमास मेला को सफल बनाना नालंदा के डीएम डॉक्टर त्यागराजन के लिए नाक का सवाल बन गया । वे इसके लिए किसी तरह की कोताही नहीं बरतना चाहते हैं। वे बार बार मेला परिसर का औचक निरीक्षण भी कर रहे हैं।