
नालंदा वासियों के लिए बुरी खबर है। नालंदा कलेक्ट्रट यानि डीएम दफ्तर और एसडीओ ऑफिस यानि अनुमंडल कार्यालय नीलाम होगा। इसके डीएम ऑफिस और एसडीओ दफ्तर में पोस्टर लगा दिया गया है। बिहारशरीफ कोर्ट ने कलेक्ट्रेट और एसडीओ ऑफिस की नीलामी का आदेश दिया है। कोर्ट के मुताबिक 26 जून को नालंदा समरहणालय की नीलामी की जाएगी।
क्या है पूरा मामला जानिए
नालंदा जिला के कतरीसराय थाना के मैरा वरीठ गांव के रहने वाले मो. इलियास द्वारा याचिका पर कोर्ट ने नालंदा कलेक्ट्रेट की नीलामी का आदेश दिया है।याचिका के मुताबिक साल 2007 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कतरीसराय के दरवेशपुरा गांव से मैरा वरीठ तक सड़क का निर्माण कराया गया था। जिसमें ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों ने मिलकर याचिकाकर्ता मो. इलियास की रैयती जमीन पर जबरन मिट्टी भर दिया था। जिससे जमीन पर लगी फसल और पेड़ को भी नष्ट हो गए थे। मोहम्मद इलियास ने इसकी शिकायत डीएम समेत अन्य अधिकारियों से की गई थी, लेकिन इसके बावजूद मुआवजा नहीं दिया गया । जिसके बाद मोहम्मद इलियास ने कोर्ट की शरण ली।

कोर्ट ने दिया नीलामी का आदेश
डीएम और अन्य अधिकारियों से मदद नहीं मिलने पर मोहम्मद इलियास कोर्ट की शरण में पहुंचा। मोहम्मद इलियास ने 79 लाख 92 हजार रूपए मुआवजा की मांग की थी। कोर्ट में चले लंबे कानूनी लड़ाई के बाद 28 अगस्त 2014 को इलियास के पक्ष में फैसला सुनाया। जिसमें बिहार सरकार को 12 फीसदी ब्याज के साथ छह महीने में मुआवजे के भुगतान का आदेश सुनाया। कोर्ट के आदेश के बावजूद मोहम्मद इलियास को मुआवजा नहीं मिला। इसके बाद फिर से मोहम्मद इलियास कोर्ट की शरण में गया और याचिका दाखिल की। सब जज 5 मंसूर आलम ने मामले की सुनवाई करते हुए छह अप्रैल 2018 को जमीन सहित कलेक्ट्रेट भवन की नीलामी के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत एक जून जुन को इश्तेहार चिपका दिया गया तथा 18 जून 2018 के भुगतान करने का निदेश दिया। लेकिन इस अवधि तक मुआवजा राशि का भुगतान नहीं किया गया। जिसके बाद कलेक्ट्रेट की नीलामी के लिए 26 जून की तिथि निर्धारित की गयी है।