
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिला नालंदा के सदर अस्पताल में अंधेरगर्दी चल रही है । आम मरीज तो छोड़ दीजिए अब डॉक्टर भी परेशान हैं । हालत ये है कि डॉक्टर की ड्यूटी एक दिन पहले काट दी जा रही है. जबकि डॉक्टर अस्पताल में मौजूद हैं
अंधेरगर्दी का खुलासा
जिला के सबसे बड़े अस्पताल की अंधेरगर्दी का सबूत नालंदा लाइव के हाथ लगा है।जिसमें सदर अस्पताल के अंधेरगर्दी का खुलासा हुआ है । नालंदा लाइव के हाथ लगे इस रजिस्टर को देखिए । आज तारीख 11 नवंबर है। जबकि 12 नवंबर की तारीख का भी अटेंडेंस बना दिया गया है । डॉक्टरों के अटेंडेंस रजिस्टर में अस्पताल के दो डॉक्टरों की उपस्थिति के नाम पर अबसेंट दिखाया गया है । जिसमें एक नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ नीतीश कुमार और दूसरा डॉक्टर स्वाति सिंह हैं। जबकि डॉक्टर कुमकुम कुमार के नाम के आगे नॉट ड्यूटी लिखा है । खास बात ये हैं कि डॉक्टर नीतीश कुमार सोमवार यानि 11 नवंबर को अस्पताल में ड्यूटी के लिए मौजूद थे इसके बावजूद अटेंडेंस रजिस्टर में उनके नाम के आगे अनुपस्थित लिखा हुआ था

उपाधीक्षक डॉक्टर कृष्णा पर उठे सवाल
बताया जा रहा है कि डॉक्टरों की उपस्थिति रजिस्टर पर अटेंडेंस लगाने की जिम्मेदारी सदर अस्पताल की उपाधीक्षक डॉक्टर कृष्णा पर है । ऐसे में सवाल ये उठ रहा है कि डॉक्टर कृष्णा एडवांस में ही किसी डॉक्टर का अटेंडेंस कैसे लगा सकती हैं । सूत्रों का कहना है कि कई डॉक्टर कृष्णा की तानाशाही रवैया से परेशान होकर कई डॉक्टरों ने अस्पताल आना छोड़ दिया है ।
मरीज भुगत रहे हैं सजा
अस्पताल कर्मचारियों का कहना है कि सदर अस्पताल के उपाधीक्षक के तानाशाही रवैया की कीमत मरीजों को भुगतना पड़ रहा है । बताया जा रहा है कि डॉक्टर कृष्णा की आदतों से परेशाना होकर नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नीतीश ने अस्पताल जाना छोड़ दिया है । जिसकी वजह से जिले के सबसे बड़े अस्पताल में पिछले दो महीनों मरीजों के आंख का सही इलाज नहीं हो पा रहा है और नहीं आंखों का ऑपरेशन हो रहा है ।
नालंदा लाइव के सवाल
1.एडवांस में अटेंडेंस लगाना कितना जायज है
2. अगर एडवांस में अटेंडेंस लगाया गया तो सभी डॉक्टरों का क्यों नहीं लगाया गया
3. निजी खुन्नस लेकर मरीजों की जिंदगी से क्यों खिलवाड़ किया जा रहा है
4. सदर अस्पताल में दो महीने से आंख का इलाज नहीं हो रहा है उसके लिए जिम्मेदार कौन है