Home खास खबरें मोदी सरकार का बहुत बड़ा फैसला- गरीब सवर्णों को मिलेगा 10 फीसदी आरक्षण.. क्या क्या हैं प्रावधान

मोदी सरकार का बहुत बड़ा फैसला- गरीब सवर्णों को मिलेगा 10 फीसदी आरक्षण.. क्या क्या हैं प्रावधान

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लोकसभा चुनाव से पहले नरेंद्र मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मोदी कैबिनेट ने आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला लिया है । लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार के इस फैसले मास्टरस्ट्रोक के तौर पर देखा जा रहा है । बता दें कि 2018 में SC/ST एक्ट को लेकर जिस तरह मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलट दिया था, उससे सवर्ण खासा नाराज बताया जा रहा था. बताया जा रहा है कि मंगलवार को मोदी सरकार संविधान संशोधन बिल संसद में पेश कर सकती है. बता दें कि मंगलवार को ही संसद के शीतकालीन सत्र का आखिरी दिन है. लेकिन सूत्रों के मुताबिक खबर है कि इसे दो दिन के लिए बढ़ा दिया गया है

किन्हें मिलेगा लाभ?

जिस व्यक्ति के पास तय सीमा से अधिक संपत्ति होगी, उसे इस संशोधन का लाभ नहीं मिल पाएगा. सूत्रों की मानें तो ये आरक्षण 8 लाख सालाना आमदनी और 5 एकड़ से कम जमीन वाले सवर्णों को मिल सकता है. इसके अलावा जिनके पास सरकारी जमीन (DDA, निगम की जमीन) पर अपना मकान होगा, उन्हें भी इसका लाभ नहीं मिल पाएगा.

इन सभी को मिलेगा लाभ

> जिनकी सालाना आय 8 लाख से कम हो

> जिनके पास 5 लाख से कम की खेती की जमीन हो

> जिनके पास 1000 स्क्वायर फीट से कम का घर हो

> जिनके पास निगम की 109 गज से कम अधिसूचित जमीन हो

> जिनके पास 209 गज से कम की निगम की गैर-अधिसूचित जमीन हो

> जो अभी तक किसी भी तरह के आरक्षण के अंतर्गत नहीं आते थे

संविधान में करना होगा बदलाव

आपको बता दें कि मोदी सरकार ये आरक्षण आर्थिक आधार पर ला रही है, जिसकी अभी संविधान में व्यवस्था नहीं है. संविधान में जाति के आधार पर आरक्षण की बात कही गई है, ऐसे में सरकार को इसको लागू करने के लिए संविधान में संशोधन करना होगा. सरकार के इस फैसले को लोकसभा चुनाव से जोड़ते हुए देखा जा रहा है.

सरकार इसके लिए जल्द ही संविधान में बदलाव करेगी. इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 15 और अनुच्छेद 16 में बदलाव किया जाएगा. दोनों अनुच्छेद में बदलाव कर आर्थिक आधार पर आरक्षण देने का रास्ता साफ हो जाएगा.

बीजेपी से नाराज थे सवर्ण!
आपको बता दें कि पिछले साल जब सुप्रीम कोर्ट ने SC/ST एक्ट में बदलाव करने का आदेश दिया था, तब देशभर में दलितों ने काफी प्रदर्शन किया था. जिसको देखते हुए केंद्र सरकार ने सुुप्रीम कोर्ट का फैसला बदल दिया था. माना जा रहा था कि मोदी सरकार के इस फैसले से सवर्ण काफी नाराज हो गए हैं. दलितों के बंद के बाद सवर्णों ने भी भारत बंद का आह्वान किया था.

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने इस फैसले का स्वागत किया है. उनका कहना है कि सरकार का ये फैसला काफी अच्छा है, इससे समाज के एक बड़े तबके को लाभ होगा. उन्होंने कहा कि सवर्णों में भी कई ऐसे लोग हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं.

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