
राजगीर थाना क्षेत्र के पंडितपुर गांव के पास शुक्रवार को एनएच 82 पर सड़क हादसे में एक अधेड़ की मौत के बाद लोग भड़क गये। नाराज लोगों ने बिहारशरीफ-राजगीर मार्ग को जाम कर दिया और जमकर हंगामा किया। ट्रक(टेलर) की चपेट में आकर पंडितपुर गांव निवासी 40 वर्षीय नरेश यादव उर्फ नारो यादव की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। नाराज लोगों ने ट्रक को क्षतिग्रस्त कर दिया और घंटों सड़क को जाम रखा। बाद में पहुंचे अधिकारियों के समझाने-बुझाने पर लोग शांत हुये।
सड़क पार करने के दौरान हादसा:-
परिजन ने बताया कि शुक्रवार की शाम नरेश यादव शौच करने के लिए गये थे। शौच कर वापस लौटने के दौरान जैसे ही सड़क पर पहुंचे अनियंत्रित ट्रक ने उन्हें कुचल दिया। घटना के बाद चालक ट्रक को सड़क पर ही खड़ा कर फरार हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण सड़क पर जमा हो गये और दुर्घटना को अंजाम देने वाले ट्रक का शीशा फोड़ दिया।
तीन घंटे से अधिक रहा जाम:-
नाराज लोगों ने बांस-बल्ली लगाकर सड़क जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। गुस्साये लोग ट्रक के चालक को बुलाने और गांव के पास स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग कर रहे थे। इधर दुर्घटनाग्रस्त ट्रक भी सड़क पर इस प्रकार खड़ी थी कि बड़े वाहनों का गुजरना मुश्किल था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की एक बाइक सवार से नोकझोंक भी हुई। ग्रामीणों का आरोप था इस मार्ग पर बड़े वाहन इतनी तेज गति से चलते हैं कि कब किसे रौंद दे कहना मुश्किल है।
अधिकारियों ने दी सहायता राशि:-
जाम की सूचना पाकर बीडीओ आनंद मोहन, सीओ उमेश पर्वत, इंस्पेक्टर विजेन्द्र कुमार सिन्हा, वार्ड पार्षद पंकज कुमार यादव दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और लोगों को समझाने की कोशिश की। बीडीओ ने बताया कि पारिवारिक सहायता के रूप में आश्रितों को 20 हजार रुपये का चेक दिया गया है। लोग चार लाख रुपया मुआवजा दिये जाने की मांग कर रहे थे।
एकमात्र कमाऊ सदस्य थे नारो:-
ग्रामीणों ने बताया कि नारो घर के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। ठेला चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। उनकी मौत से तीन बेटों व एक बेटी का भविष्य अंधकारमय हो गया है। घटना के बाद उनकी पत्नी शर्बिला देवी सड़क पर ही दहाड़ मारकर रो रही थी। उनका विलाप सुनकर सभी की आंखें नम हो गयी थीं। लोगों ने बताया कि नारो काफी अच्छे इंसान थे। उनकी मौत की खबर सुनकर गांव के सभी लोग सड़क पर जमा हो गये थे।