Home काम की बात अच्छी खबर- बिहारशरीफ के जिला केंद्रीय पुस्तकालय को तोड़कर बनेगा अत्याधुनिक लाइब्रेरी.. जानिए क्या क्या होगी सुविधाएं

अच्छी खबर- बिहारशरीफ के जिला केंद्रीय पुस्तकालय को तोड़कर बनेगा अत्याधुनिक लाइब्रेरी.. जानिए क्या क्या होगी सुविधाएं

0

नालंदा जिला के सबसे पुराने पुस्तकालय के दिन बहुरने वाले हैं । जिला केंद्रीय पुस्तकालय की जगह नया मॉर्डन पुस्तकालय का निर्माण किया जाएगा। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत इसे भी स्मार्ट बनाने के लिए बड़े प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया गया है। इसका पूरी तरह जीर्णोद्धार किया जायेगा। डीएम स्वयं इसमें काफी रुचि दिखा रहे हैं।

ई लाइब्रेरी में विकसित करने की योजना
पुराने भवन का जीर्णोद्धार कर इसे ई लाइब्रेरी के रूप में विकसित किया जाएगा । इसे लेकर जिला केंद्रीय पुस्तकालय में नालंदा के डीएम योगेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में प्रबंधकारिणी समिति की बैठक हुई। बैठक में नगर आयुक्त सौरव कुमार जोरवाल को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप से बुलाया गया था।

जी प्लस फोर बनेगी बिल्डिंग
बैठक में पुस्तकालय भवन को तोड़कर अत्याधुनिक जी प्लस फोर पुस्तकालय भवन का निर्माण कराने का निर्णय लिया गया। नए भवन के डिजाइन को लेकर डीएम और दूसरे सदस्यों ने कंसलटेंट को आवश्यक सुझाव भी दिए।

हर पुस्तक का यूनिक कोड होगा
लाइब्रेरी में उपलब्ध पुस्तकों की कंप्यूटराइज्ड कैटालॉगिंग करायी जायेगी। पुस्तकों पर यूनिक बार कोड का स्टीकर लगाया जाएगा ताकि पुस्तक खोजने में सहूलियत हो सके। पुस्तकालय को सेंट्रलाइज्ड लाइब्रेरी सिस्टम की सदस्यता के लिए भी पहल की जायेगी।

क्या क्या सुविधाएं होगी
डीएम योगेंद्र सिंह ने बताया कि नए भवन में लड़कों और लड़कियों के लिए अलग अलग साउंडलेस रीडिंग रूम की व्यवस्था होगी। रीडिंग रूम को पुस्तकों के स्टोर रूम से अलग रखा जाएगा। प्रवेश द्वार पर पाठकों का सामान सुरक्षित रखने के लिए लॉकर रूम की भी व्यवस्था होगी।

पुस्तकालय का अपना वेबसाइट होगा
डीएम ने बताया कि पुस्तकालय का एक अपना वेबसाइट होगा। उन्होंने पुस्तकालय की किताबों को लंबे समय तक संरक्षित रखने के लिए इसे सॉफ्ट कॉपी में संधारित रखने का भी निर्देश दिया। पुस्तकालय की व्यवस्था डिजिटल होगी। जिससे लाइब्रेरी में पुस्तकों की उपलब्धता, उन्हें जारी करने की करने की तिथि आदि का पता लग सकेगा। कौन किताब किस आलमारी में रखी है यह पता करना भी आसान होगा। सभी पुस्तकों का डाटा कम्प्यूटराज्ड होगा। फिलहाल यहां बीस हजार से ज्यादा पुस्तक उपलब्ध है।

दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधा
दिव्यांग पाठकों के लिए रैम्प और दृष्टि बाधित के लिए कंप्यूटर आधारित व्यवस्था होगी। इसे नॉलेज सेंटर के रूप में तब्दील किया जायेगा। डीएम ने बच्चियों के साथ-साथ दिव्यांग पाठकों एवं दृष्टि बाधित बच्चों के लिए भी विशेष व्यवस्था करने पर ज़ोर दिया।

पांच सदस्यीय टीम में कौन कौन
पूरे प्रोजेक्ट पर नजर रखने के लिए नगर आयुक्त की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय निगरानी समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। इस समिति में नगर आयुक्त अध्यक्ष, आमोद कुमार पाठक ,राजेश कुमार, संजय महाराज, बालेश्वर प्रसाद दास और सरकार के सदस्य के रूप में जिला शिक्षा पदाधिकारी को शामिल किया गया है। भवन के निर्माण कार्य और अवशेष कि निगरानी के लिए कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल को भी जिम्मेदारी दी गई है।

बैठक में कौन कौन हुए शामिल
भवन के निर्माण के दौरान नमी को नियंत्रित रखने के लिए विशेष रूप से ध्यान रखा जाएगा। बैठक में डीईओ मनोज कुमार, पुस्तकालय अध्यक्ष सह सचिव बालेश्वर प्रसाद दास, राजेश कुमार, गिरीश नंदन प्रसाद, अशोक कुमार सिंह, आमोद कुमार पाठक, संजय महाराज, जिला स्कूल की एचएम सरिता देवी, रोहित कुमार आदि उपस्थित थे।

Load More Related Articles
Load More By Nalanda Live
Load More In काम की बात

Leave a Reply

Check Also

चुनाव प्रचार के दौरान उम्मीदवार को गोलियों से भून डाला.. जानिए पूरा मामला

बिहार विधानसभा चुनाव में खून खराबे का दौर शुरू हो गया है. चुनाव प्रचार के दौरान बदमाशों ने…