
सात निश्चय योजना को लागू करने में मुख्यमंत्री का गृह जिला नंबर वन है और होना भी चाहिए। नंबर वन बनने पर जिला के सबसे बड़े अधिकारी यानी जिलाधिकारी महोदय ने संबंधित अधिकारियों को बधाई दी थी और उनके काम को सराहा था । लेकिन डीएम साहब आपके ही जिले में पहले शौचालय घोटाला हुआ अब सात निश्चय योजना में गड़बड़ियां सामने आ रही है । आपने उस पर कार्रवाई करने का आदेश भी दिया और छह एजेंसियों पर कार्रवाई भी की। लेकिन एकंगरसराय के केशोपुर पंचायत में जो हुआ वो अच्छा नहीं हुआ। केलाबिगहा गांव में कई शौचालय को ठेकेदार ने तोड़ दिया और उसके ईंट और दरवाजे उखाड़ दिए। डॉक्टर त्यागराजन जी पहले आपको सारी बातें बता दूं । एकंगरसराय के केशोपुर पंचायत के केलाबिगहा गांव में ठेकेदार ने कई शौचालय तोड़ डाले । उनके ईट और दरवाजे उड़ा दिए । ठेकेदार का आरोप है कि वो बकाया भुगतान के लिए बीडीओ के पास गया था लेकिन बीडीओ ने निर्माण के बावजूद पैसा नहीं दिया । ठेकेदार उदय कुमार का ये भी कहना है कि उसके बाद बीडीओ मनोज कुमार को इस बात से आगाह किया था कि अगर पैसे का भुगतान नहीं हुआ तो वो निर्माण को गिरा देगा । उधर, बीडीओ मनोज कुमार का कहना है कि आरोपी ठेकेदार ने काम पूरा नहीं किया था जिसकी वजह से उसके पैसे रिलीज नहीं किए गए । हालांकि बाद में आरोपी ठेकेदार उदय कुमार,पूर्व मुखिया श्रीदेवी और सुरेश महतो के खिलाफ केस दर्ज किया गया है । लेकिन डीएम साहब ऐसे में जनता की ओर से नालंदा लाइव के कुछ सवाल हैं
पहला सवाल
उन गांववालों की क्या गलती थी जिनके घर के शौचालय को तोड़ा गया
दूसरा सवाल
देश के संसाधनों की बर्बादी का क्या होगा, जो निर्माण के बाद तोड़ा गया
तीसरा सवाल
उस आरोपियों पर कठोर कार्रवाई कब होगी ताकि आगे से कोई ठेकेदार ऐसा करने से पहले 10 बार सोचे
चौथा सवाल
अगर ठेकेदार ने काम पूरा कर दिया था तो उसे पैसा क्यों नहीं दिया गया था ? कहीं कमीशन के खेल के चक्कर में तो उसका पेमेंट नहीं फंसा था ?
पांचवां सवाल
क्या इस मामले में सिर्फ ठेकेदार दोषी है या वो जिम्मेदार अफसर भी दोषी हैं ? क्या उन अफसरों पर कठोर कार्रवाई होगी ?
छठा सवाल
अब आपके शौच मुक्त अभियान का क्या होगा ? उन घरों के लोग अब कहां शौचालय जाएंगे ?