
नालंदा के एक और बेटे ने कामयाबी का झंडा बुलंद किया है. नालंदा का आकाशदीप अब लेफ्टिनेंट आकाशदीप बन गया है. सेना में अधिकारी बनकर अपने किसान पिता और मां के सपनों को साकार कर दिखाया है. साथ ही पूरे जिले का नाम भी रौशन किया है।
अस्थावां के ‘आकाश’ में जगमगाएगा दीप
लेफ्टिनेंट आकाशदीप नालंदा जिले के अस्थावां प्रखंड के शहवाजपुर गांव का रहने वाला है.मां कनकलता देवी गृहिणी हैं और पिता ज्वाला प्रसाद एक किसान हैं. लेकिन अपने बेटे को उन्होंने राजधानी पटना में रखकर पढ़ाया. जैसे नालंदा के बाकी लोग अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए सब कुछ न्योच्छार कर देते हैं. वैसे ही आकाशदीप के पिता ने किया. आकाशदीप ने पांचवीं तक की पढ़ाई पटना के लोहगानी से की .
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सैनिक स्कूल से लिया दाखिला
आकाशदीप को बचपन से ही सेना में जाने की इच्छा थी. इसलिए छठी क्लास में सैनिक स्कूल की परीक्षा पास की और साल 2009 में हरियाणा के कुंजपुरा के सैनिक स्कूल में दाखिला लिया। 10+2 तक पढ़ाई वहीं किया
सैनिक स्कूल से NDA का सफर
सैनिक स्कूल में बारहवीं की पढ़ाई पूरा करने के बाद वो 2016 में एनडीए की परीक्षा में सफल हुए। उसके बाद एनडीए में दाखिला लिया। वर्ष 2019 में एनडीए के पढ़ाई पूरी हुई। उसके बाद 12 दिसंबर 2020 में लेफ्टिनेंट ज्वाइन किया।
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पासिंग आउट परेड में रो पड़ी मां
गया के ओटीए में आयोजित पासिंग आउट परेड में आकाशदीप के माता-पिता भी बेटे की उपलब्धि को देखने के लिए मौजूद थे. बेटे की कामयाबी पर वे फूले नहीं समा रहे थे। पासिंग आउट परेड का अंतिम कदम पूरा होते ही मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। लेफ्टिनेंट आकाशदीप जब अपनी मां से लिपटे, तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।
गांवों में प्रतिभा की नहीं है कमी: आकाशदीप
लेफ्टिनेंट आकाशदीप ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उनका मानना है कि अगर लक्ष्य साफ हो और सकारात्मक पहल की जाए तो सफलता आपके कदम चुमती है। थोड़ी परेशानियां आएंगी, मगर उससे घबराना नहीं चाहिए।
नालंदा लाइव भी देता है बधाई
आकाशदीप को उनकी कामयाबी पर गांववासियों, जिलावासियों और बिहारवासियों की तरफ से नालंदा लाइव भी बधाई देता है. और हर भारतवासी आप से यही अपेक्षा रखता है कि आप मां भारती की रक्षा के लिए अदम्य साहस दिखाएंगे. और ऐसे भी कहा जाता है एक बिहारी सब पर भारी