
राजगीर मेला सैरात भूमि जमाबंदी के 18 साल पुराने मामले में चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरोपियों में राजगीर के तत्कालीन डीसीएलआर और सीओ शामिल हैं। डीसीएलआर प्रभात कुमार ने इनके खिलाफ राजगीर थाने में एफआईआर करायी है। प्राथमिकी के मुताबिक साल 2000 में राजगीर में लगने वाले मलमास मेला की भूमि का गलत तरीके से जमाबंदी की गयी थी। इस अनियमितता में तत्कालीन डीसीएलआर उपेन्द्र झा, सीओ आनंद मोहन कुमार, कर्मी अनिल कुमार और एक अन्य को आरोपी बनाया गया है। अनिल कुमार पहले ही बर्खास्त हो चुका है। आपको बता दें कि मलमास मेला सैरात भूमि में कुल रकवा 73.03 एकड़ है । इनमें 32.71 एकड़ पर सरकारी अतिक्रमण है । 3.07 एकड़ पर सड़क निर्माण कराया गया है । मेला सैरात के 3.35 एकड़ भूमि पर निजी अतिक्रमण है यानि नेताओं और अफसरों ने कब्जा कर रखा है ।