
बिहारशरीफ में पुलिस बनाम वकीलों की लड़ाई अब वार्ड पार्षद बनाम वकील हो गई है। वार्ड पार्षद ने पुलिस प्रशासन का साथ दिया तो वकील तिलमिला गए। वकीलों ने ऐलान किया कि अब वो वार्ड पार्षद और उनके परिवार वालों का केस नहीं लड़ेंगे। इसके जवाब में वार्ड पार्षदों ने एक बार फिर एकजुटता दिखाई। वार्ड पार्षदों ने कहा कि भूमाफियाओं के खिलाफ वो पुलिस प्रशासन का साथ देते रहेंगे। चाहे जो अंजाम हो।
बिहारशरीफ नगर निगम के वार्ड पार्षदों और पूर्व पार्षदों की बैठक हुई । मीटिंग में वार्ड पार्षदों ने कहा कि भू माफिया की वजह से विकास कार्यों में बाधा आ रही है। जिसे स्मार्ट सिटी के कार्यों को धरातल पर उतारना संभव नहीं है। कई वार्ड पार्षदों ने कहा कि शहर में पानी की समस्या को दूर करने के लिए बीआरजीपी से बोरिंग की जा रही है और घरों तक पाइपलाइन बिछाया जा रहा है ।लेकिन जगहों पर जमीन विवाद कर इसमे रोड़ा अटकाया जा रहा है। वार्ड पार्षदों का कहना है कि वो जनता के प्रतिनिधि हैं और शहर के विकास के लिए कुछ भी कुर्बानी देने को तैयार हैं।
क्या है विवाद
बिहारशरीफ के रामचंद्रपुर इलाके में एक जमीन विवाद को लेकर वकील और ठेकेदार के बीच में कहासुनी हुई। जिसकी वकील ने इसकी शिकायत पुलिस से की। वकीलों का आरोप है कि पुलिस ने इन्हें शाम 5 बजे तक हाजत में बिठाए रखा। जिसके बाद कुछ वकीलों का प्रतिनिधिमंडल एसपी सुधीर कुमार पोरिका से मिलने गया। वकीलों का कहना है कि एसपी सुधीर कुमार पोरिका और डीएसपी निशित प्रिया ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया ।वकील इसे लेकर हड़ताल पर चले गए हैं। उधर, वार्ड पार्षदों ने पुलिस का समर्थन किया तो वकीलों ने उनके या उनके परिवार का केस लड़ने से मना करने का ऐलान किया है ।