
बिहारशरीफ में वकीलों ने नालंदा के पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार पोरिका के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अधिवक्ताओं से एसपी सुधीर कुमार पोरिका पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया और कोर्ट में कामकाज बंद कर दिए। वकीलों ने बिहारशरीफ कोर्ट से से जुलूस निकालकर डीएम दफ्तर पहुंचे और डीएम डॉक्टर त्यागराजन को ज्ञापन सौंपा। वकीलों की मांग है कि एसपी माफी मांगें या फिर राज्य सरकार उनके खिलाफ विधि-सम्मत कार्रवाई करे।
वकीलों की नाराजगी की वजह जानिए
नालंदा जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रभात कुमार रुखैयार ने एसपी सुधीर कुमार पोरिका पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एसपी ने सभी को चैंबर में जाने को कहा। साथ ही कहा कि पुलिस किसी को 24 घंटे तक कस्टडी में रख सकती है। दरअसल, सोहनकुआं मोहल्ला के रहने वाले अधिवक्ता पवन कुमार की निजी जमीन पर ठेकेदार काम करवा रहे थे। जबकि अधिवक्ता ने पहले ही हाईकोर्ट से स्टे आर्डर ले रखा था। हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार जमीन की मापी कराने के बाद निर्माण कार्य का आदेश दिया गया था। लेकिन ठेकेदारों ने बिना नापी कराये ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गयी। इसकी सूचना देने के लिए जब वे लहेरी थाना गये तो पुलिस ने उन्हें घंटों थाना में बिठाये रखे। इस बात की शिकायत करने अधिवक्ताओं का दल एसपी के पास पहुंचा। सचिव का आरोप है कि एसपी ने उनके साथ गलत व्यवहार किया।
क्या है मांग
नालंदा जिला अधिवक्ता संघ ने जिले में कानून-व्यवस्था की हालत को चिंताजनक बताया। वकीलों की मांग है कि लहेरी थानाध्यक्ष को सस्पेंड किया जाए। साथ ही एसपी और डीएसपी का तबादला किया जाए। अधिवक्ता संघ के सचिव का कहना है कि वे इसकी शिकायत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से करेंगे
एसपी सुधीर पोरिका ने किया खंडन
नालंदा के पुलिस कप्तान सुधीर कुमार पोरिका ने वकीलों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। पुलिस अधीक्षक का कहना है कि उन्होंने वकीलों को ऐसा कुछ नहीं कहा था।
छह सदस्यीय कमेटी का गठन
वहीं,नालंदा जिला अधिवक्ता संघ ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए छह सदस्यीय एक्शन कमेटी बनायी है। जिसकी अध्यक्षता दीपक कुमार रस्तोगी करेंगे। वहीं, अनिल कुमार, अजय कुमार वर्मा, डॉ. अरुण कुमार, जितेन्द्र कुमार, अनिल क्रांति इसके सदस्य होंगे।