
नालंदा जिला में किसानों का सब्र रविवार को जवाब दे गया। सरकार की बेरुखी की वजह से परेशान किसानों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। नूरसराय में सैकड़ों किसान सुबह सुबह सड़क उतर आए और सब्जियों को मंडी ले जाने के बजाय सड़क पर फेंक दिया। जिससे बिहार शरीफ-पटना रोड पर जाम लग गया।

करीब तीन घंटों तक लगा रहा जाम
नूरसराय में नाराज किसानों ने कद्दू से भी टोकरियां सड़क पर फेंक दी और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। किसान फसल की उचित कीमत नहीं मिलने से नाराज थे। किसानों के प्रदर्शन की खबर मिलते ही नूरसराय के बीडीओ रंजीत कुमार और थानाध्यक्ष सुनील कुमार निर्झर वहां पहुंचे। बीडीओ और थानाध्यक्ष ने किसानों को समझाने की कोशिश करते रहे। लेकिन किसान अड़ रहे। लेकिन बाद में किसान मान गए और जाम हटाया। जिला प्रशासन ने सड़क से कद्दू को हटाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। जेसीबी मशीन के जरिए सड़क से कद्दू को हटाया गया। इस दौरान कई लोग कद्दू लेकर अपने घर जाते भी दिखे।

फसल की कीमत नहीं मिलने से नाराज हैं किसान
किसानों का कहना है कि फसल का दाम नहीं मिल रहा है। खेत से मंडी तक लाने में जितना भाड़ा लगता है वो भी नहीं निकल रहा है। हालत ये है की 50 पैसे से 1 रुपए प्रति किलो कद्दू बेचना पड़ रहा है। इस विरोध प्रदर्शन में नूरसराय, मुजफ्फरा, चंदौसी आदि गांव के किसान शामिल हुए। उनका कहना है कि सरकार की दोरंगी नीति के कारण किसान बदहाल हो रहे हैं।

किसानों ने सरकार को चेतावनी भरे लहजे में भी कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी जाती है तो सरकार को अगले चुनाव में इसका हर्जाना भरना होगा। किसानों को एक बीघा की कद्दू की खेती करने में 40 से 50 हजार रुपए की लागत आती है । जबकि फसल तैयार होने पर पूंजी निकालना भी मुश्किल हो जाता है। आपको बता दें कि करीब एक महीने पहले सासाराम में किसानों ने सड़क पर टमाटर फेंककर अपना विरोध जताया था। उनका कहना था कि टमाटर की कीमत एक रुपये किलो भी नहीं मिल रही है। तो वहीं राजस्थान में किसानों ने सड़क पर लाखों लीटर दूध बहाया था। जबकि केंद्रीय मंत्री इसे मीडिया में आने के लिए किसानों का विरोध प्रदर्शन बता रहे थे।