
नालंदा के जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह एक्शन में हैं। काम में कोताही को वो तनिक भी बर्दाश्त नहीं करते हैं । उन्होंने गायत्री प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ केस दर्ज कराने का आदेश दिया है ।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, नालंदा के डीएम योगेंद्र सिंह बिहार शरीफ से राजगीर के बीच बन रहे फोरलेन का निरीक्षण करने पहुंचे। जहां काम में कोताही को लेकर वो भड़क गए. उन्होंने एनएच 82 के निर्माण में जुटी गायत्री प्राइवेट लिमिटेड के सुस्त काम पर नाराजगी जताई और केस दर्ज कराने का आदेश दिया ।
एनओसी मिलने के बाद भी काम नहीं किया
बिहारशरीफ-राजगीर फोरलेन पर कोसुक पुल और नालंदा थाना के बीच कई जगहों पर बिजली के हाई ट्रांसमिशन टॉवर को शिफ्ट किया जाना है, जिसके लिए ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा कई महीने पूर्व एनओसी दिया जा चुका है। लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी गायत्री प्राइवेट लिमिटेड ने ट्रांसमिशन टावर शिफ्ट करने में कोई रूचि नहीं दिखाई। कंपनी के टालमटोल को कर्तव्यहीनता मानते हुए डीएम प्राथमिकी दर्ज करने आदेश दे डाला।
डीएम ने केस करने का आदेश दिया
नालंदा के जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह ने प्रोजेक्ट की कार्यकारी एजेंसी बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के डीजीएम को पब्लिक ऑर्डर का उल्लंघन करने, कार्य में लापरवाही बरतने को लेकर संवेदक एजेंसी जेपीएल के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि संवेदक द्वारा कार्य में शिथिलता बरती जा रही है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला पदाधिकारी ने बीएसआरडीसी के डीजीएम अनुराधा चंद्रा को इस प्रोजेक्ट के शेष कार्यों को अधिक से अधिक मशीन एवं मैन पावर लगाकर पूर्ण कराने का निर्देश दिया। इस अवसर पर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अंचलाधिकारी बिहारशरीफ सहित बीएसआरडीसी के अभियंता, संवेदक एजेंसी के जीएम सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।