
बिहारशरीफ के आवासीय मॉडल मिडिल स्कूल के पूर्व हेडमास्टर महावीर प्रसाद पर शिकंजा कसता जा रहा है। वो भले ही अपनी रसूख की वजह अभी तक पुलिस की पकड़ से दूर है। लेकिन उसे अब जेल जाना ही होगा। क्योंकि महावीर प्रसाद के खिलाफ जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है वो गैर जमानती है। यानि इस मामले में महावीर प्रसाद को जमानत नहीं मिल सकती है। उन्हें जेल जाना ही पड़ेगा। पूर्व हेडमास्टर महावीर प्रसाद के खिलाफ रंगदारी, धोखाधड़ी और गबन के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया है। कानून के जानकार बताते हैं कि तीनों धाराएं भारतीय दंड संहिता यानि IPC के मुताबिक नॉन बेलेवल है। FIR के मुताबिक पूर्व एचएम महावीर प्रसाद पर आवासीय मॉडल मध्य विद्यालय के छात्रावास को निजी तौर पर चलाने और अवैध वसूली का आरोप है।
आवासीय मॉडल मध्य विद्यालय के अवैध छात्रावास मामले में सर्व शिक्षा के डीपीओ दिनेश्वर मिश्र के मुताबिक वर्तमान हेडमास्टर सुनीता सिन्हा को पत्र भेजकर छात्रावास को नियमानुसार चलाने का आदेश दिया गया है। अगर इसमें वे सफल हैं तो ठीक नहीं तो छात्रावास बंद कर दिया जाएगा। जबकि हेडमास्टर सुनीता सिन्हा का कहना है कि इस मामले में विभाग से अभी तक उनके पास किसी प्रकार का पत्र नहीं आया है।
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अभी तक छात्रावास में नहीं लगा ताला
पांच मई को पूर्व हेडमास्टर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। ऐसा लग रहा था कि मुकदमा दर्ज होने के बाद छात्रावास को तुरंत बंद कर दिया जाएगा, लेकिन पांच दिन गुजर जाने के बाद भी छात्रावास में बच्चे रह रहे हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि इसका संचालन आखिर कौन कर रहा है? और बच्चों को खाना किस मद से खिलाया जा रहा है ?