Home बिहार शरीफ जागिए ‘सरकार’…बिहारशरीफ में मचा है हाहाकार

जागिए ‘सरकार’…बिहारशरीफ में मचा है हाहाकार

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भीषण गर्मी में बिहारशरीफ की जनता प्यासी है ।जल संकट गहराता जा रहा है। शहर में  पानी का लेवल 150 फीट से नीचे चला गया है । चापाकल और समरसिबल सब सूख गए हैं। आपका हर घर नल योजना फेल साबित हो रही है। अगर कहीं आ भी रहा है तो गंदा पानी आ रहा है। वो हाथ धोने के लायक भी नहीं है। पीने की बात तो दूर छोड़ दीजिए। लोग सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। महिलाएं रात-रात भर नलों को टकटकी लगाए देखती रहती हैं  कि कब पानी आएगा। रोजेदार अपनी मन्नत से ज्यादा शहरवासियों के लिए पीने की पानी की मन्नतें मांग रहे हैं। लेकिन हमारे सरकार सोए हैं। मुख्यमंत्री जी का ये गृह जिला है। लेकिन उनके जनप्रतिनिधि जेठ की दुपहरी एससी चलाकर सो रहे हैं। चाहे वो शहर के लोकप्रिय सांसद कौशलेंद्र कुमार हों या शहर के कारोबारी विधायक डॉ.सुनील कुमार। बिहारशरीफ का ये हाल तब है जब दोनों सताधारी पार्टी के हैं। कौशलेंद्र बाबू को मुख्यमंत्री जी का सीधा वरद्धत हासिल है तो दूसरे ने नीतीश-लालू की गठजोड़ के बावजूद बिहारशरीफ में कमल खिलाया था। शहरवासियों ने उनपर नीतीश जी से ज्यादा भरोसा किया था। बिहारशरीफ वासियों को लगा था कि डॉक्टर साहब उनकी समस्याओं का इलाज करेंगे । विधानसभा चुनाव के बाद डॉक्टर साहब कहते थे कि हमारी सरकार आने दीजिए। सब संकट दूर कर देगे। क्योंकि उस समय सरकार जेडीयू और आरजेडी की थी। शायद डॉक्टर साहब के इसी कहने पर बिहारशरीफ के लोगों ने मन्नत मानी होगी कि जेडीयू- आरजेडी की सरकार गिर गई और जेडीयू-बीजेपी की फिर सरकार बन गई। शहरवासी खुश हुए कि अब तो डॉक्टर साहब हर समस्या का इलाज कर देंगे और होते भी क्यों नहीं क्योंकि डॉक्टर साहब ने ही तो कहा था कि अगर हमारी सरकार बनती तो हम ये करके दिखाते। साहब अब आपकी की ही सरकार है।लेकिन जनता प्यासी मर रही है। हां, एक बात है कि पीने के पानी के लिए सांसद महोदय को कुछ करते भले ही आप न देखे हों। लेकिन शहर में कोई दुकान या प्रतिष्ठान का उद्घाटन हो वहां सांसद जी दिख जाते हैं। सरकार, बिहार शरीफ की जनता पानी के लिए त्राहिमाम कर रही है। ये समस्या नगर-निगम के बूते की नहीं रह गई है। कई मोहल्ले में कुछ टैंकर पानी भिजवाए जा रहे हैं। लेकिन उससे प्यास नहीं बुझ रही है।  रमजान का पाक महीना चल रहा है। रोजेदार दिनभर पानी नहीं पीते हैं। 15 घंटे तक तो अपनी प्यास पर वो काबू रखते हैं । लेकिन उसके बाद तो उन्हें पानी चाहिए साहब। सरकार इतना ही नहीं, जिस स्वच्छता अभियान को लेकर आपकी पार्टी और देश के प्रधानमंत्री मुहिम चला रहे हैं। उस टॉयलेट में जाने के लिए भी पानी चाहिए। क्योंकि यहां की जनता कागज से पोछना नहीं सिखी है। बिहारशरीफ की जनता आप दोनों से उम्मीद लगाए बैठी है सरकार ! डॉक्टर साहब, शहर में सिनेमा विनेमा तो लोग तब देखेंगे जब वो जिंदा रहेंगे। इस जेठ की दुपहरी में प्यास से उनकी हलक सुख रही है । रहम कीजिए सरकार.. रहम कीजिए! एसी रूम से बाहर निकलिए सरकार..  जागिए.. जागिए सरकार जागिए… बिहारशरीफ की प्यासी जनता त्राहिमाम कर रही है सरकार.. सरकार जरा, सोचिए मई में ये हाल तो जून क्या करेगा। इसलिए जागिए सरकार जागिए

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