Home हमारे हीरो प्रणब दा का बिहार से था खास लगाव..राष्ट्रपति रहते दो बार नालंदा समेत 6 बार आए थे बिहार

प्रणब दा का बिहार से था खास लगाव..राष्ट्रपति रहते दो बार नालंदा समेत 6 बार आए थे बिहार

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पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का बिहार से काफी लगाव था। उनके इस लगाव को राज्य के लोग कभी भूल नहीं पाएंगे। राजनीति में वो प्रणब दा के रूप जाने जाने थे। सक्रिय राजनीतिक जीवन में तो उनका बिहार आना-जाना पहले भी होता था। लेकिन राष्ट्रपति बनने के बाद पांच साल में भी उन्होंने कई बार बिहार की यात्रा की। मुख्यमंत्री नीतश कुमार से उनके आत्मीय संबंध थे। यही कारण है कि मुख्यमंत्री अपनी सबसे महत्वाकांक्षी योजना पहले कृषि रोड मैप का उदघाटन श्री मुखर्जी के हाथों कराया था। इतना ही नहीं उनके राष्ट्रपति के कार्यकाल में जितने भी बड़े सरकारी कार्यक्रम हुए उनमें मुख्यमंत्री ने प्रणब दा को जरूर याद किया।

कृषि रोडमैप का उद्घाटन किया था
राष्ट्रपति बनने के बाद प्रणब दा की सबसे पहली बिहार यात्रा तीन अक्टूबर, 2012 को हुई थी। उस समय वह राज्य में बने पहले कृषि रोडमैप का उदघाटन करने आये थे। श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में श्री मुखर्जी ने बिहार सरकार खासकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इस पहल की खूब सराहना की थी। तब कहा था कि पूर्वी राज्यों के भरोसे ही अगली कृषि क्रांति संभव है और इस लिहाजा से देश बिहार की ओर आशाभरी निगाह से देख रहा है।

IIT के दीक्षांत समारोह में आए
उसके बाद वर्ष 2013 में भी राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी बिहार आये थे। उस साल अक्टूबर में राज्य सरकार ने उन्हें आईआईटी पटना के पहले दीक्षांत समारोह में बुलाया था।

साल 2016 में नालंदा आए थे
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी 27 अगस्त 2016 में नालंदा आए थे। वे नालंदा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिए थे. उन्होंने नालंदा यूनिवर्सिटी के पहले बैच के छात्र-छात्रों को अपने हाथों से डिग्री दी थी। उस मौके पर उन्होंने नालंदा यूनिवर्सिटी बिल्डिंग की चहारदीवारी निर्माण का शिलान्यास भी किया था। उन्होंने कहा था कि नया नालंदा विवि भी देश ही नहीं दुनिया का ध्यान बिहार की ओर आकर्षित करेगा।

मार्च 2017 में दोबारा नालंदा आए
उसके बाद फिर वे 19 मार्च 2017 को राजगीर के इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित तीन दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय बौद्धिस्ट सम्मेलन के समापन समारोह में भाग लेने राजगीर आए थे। मौके पर बुद्धिस्ट धर्म गुरु दलाई लामा भी मौजूद थे। उस वक्त तत्कालीन राज्यपाल रामनाथ कोविद के साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत अन्य गणमान्य लोगों ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया था।

मार्च 2017 में पटना आए
बिहार से उनके लगाव का अंदाजा इस प्रकार लागया जा सकता है कि राष्ट्रपति के कार्यकाल के अंतिम साल में वह तीन बार पटना आये। मार्च 2017 में प्रणव दा आद्री के सिल्वर जुबली कार्यक्रम में आये थे।

अप्रैल 2017 में भी पटना आए
महात्मा गांधी की चम्पारण यात्रा के शताब्दी समारोह के दौरान देशभर के स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित करने का आग्रह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनसे किया तो प्रणव दा व्यस्तता के बावजूद इसको टाल नहीं सके। लिहाजा, ठीक एक महीने बाद ही यानी अप्रैल 2017 में वह फिर पटना आये। उस समय उन्होंने श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में देशभर से पहुंचे स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित किया।

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