
उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने दो दिवसीय कुंडलपुर महोत्सव का उद्घाटन किया । इस मौके पर उन्होंने कहा कि जैन धर्म का संदेश प्रेम, शांति और अहिंसा का रहा है। इस रास्ते को सभी अपनाएं। नालंदा ऐसी धरती है जहां हर वर्ष राजगीर, पावापुरी और कुंडलपुर महोत्सव मनाया जाता है। यह बहुत ही सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि यह जानकर बहुत खुशी हुई कि महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, गुजरात व अन्य राज्यों से स्पेशल ट्रेन से लोग राजगीर और कुंडलपुर आते हैं। जैन धर्म के मानने वाले जब तक पावापुरी नहीं आ जाते, उन्हें मोक्ष की प्राप्ति नहीं होती।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की धरती ने गौतम बुद्ध, महावीर व गुरुगोबिंद सिंह जैसे लोगों को अपने गोद में बड़ा किया है। भगवान महावीर इसी माटी में पैदा हुए। पले-बढ़े। शिक्षा और संस्कार सीखा और यहीं उनका निर्वाण हुआ। नालंदा की धरती के कण-कण में गौतम बुद्ध व महावीर के कदम पड़े हैं।
मिलकर रहने से समाज का विकास :- श्रवण
ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि भगवान महावीर के सिद्धांत एवं दर्शन आज के समय में और उपयोगी हो गए हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के तमाम धर्म आपस में मिल जुलकर रहना सिखाते हैं। मिलकर रहने से ही समाज का विकास हो सकता है एवं समाज में सुख-शांति का वातावरण बन सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नीतीश कुमार के नेतृत्व में भगवान महावीर के संदेशों का पालन करते हुए सूबे के विकास के लिए कार्य कर रही है।