
नालंदा यूनिवर्विसिटी से हटाये गए सुरक्षाकर्मियों ने राजगीर में भूख हड़ताल शुरू कर दी है। विवि कार्यालय के गेट के पास नालंदा अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय सुरक्षा प्रहरी यूनियन के बैनर तले कर्मी आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन और काम कराने वाले एजेंसियों ने सुरक्षाकर्मियों के साथ विश्वासघात किया है। उनका कहना है कि वे लोग तबसे वहां पर तैनात हैं जब से विश्वविद्यालय की शुरुआत हुई थी । इन लोगों का कहना है कि जब इनकी जमीन का अधिग्रहण हो रहा था तो कहा गया था कि किसानों को रोजगार दिया जाएगा और इसी के तहत इन्हें सुरक्षाकर्मी के तौर पर रखा गया था । उनका ये भी आरोप है कि उन्हें वेतन के तौर पर महज चार हजार रुपये प्रति महीने मिलते थे । जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन और संवेदक ने 13 हजार रुपये प्रति कर्मी के हिसाब से पैसा का लिया । ऐसे में इनका कहना है कि प्रति सुरक्षाकर्मी नौ हजार रूपए का घोटाला हुआ इसकी जांच की जानी चाहिए
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क्या है मांगें: –
1. हटाये गए सुरक्षा प्रहरियों की सेवा में वापसी।
2. बकाया मजदूरी चार हजार रुपये से अधिक एवं अधिकाल भत्ता का भुगतान।
3. बकाया बोनस का किया जाए भुगतान।
4. कम मजदूरी भुगतान व सरकारी कोष के गबन के दोषी लोगों पर कानूनी कार्रवाई