
राजगीर में सूर्यकुण्ड के पीछे वाले पर्वत विपुलाचल गिरि(पहला पहाड़) पर शनिवार की दोपहर बाद चार से पांच किलोमीटर की दूरी तक जंगल में आग लग गयी। अगलगी में लाखों रुपये के जड़ी-बूटी सहित अन्य तरह की लकड़ियां जलकर नष्ट हो गयी। आग की लपटें काफी तेज थीं जो दूर से ही दिखायी पड़ रही थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि हर साल गर्मी के दिनों में पहाड़ों पर आग लगने की घटनाएं होती हैं। लाखों की लकड़ियां व जड़ी-बूटी जलकर राख हो जाती है। शनिवार को विपुलाचल पहाड़ पर लगी आग के कारण छोटे-छोटे जीवों व अन्य वन्य प्राणियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार जंगल में अगलगी की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन वन विभाग इस पर काबू पाने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं कर पा रहा है। शनिवार की देर शाम तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका था।