Home काम की बात नालंदा,नवादा और शेखपुरा वालों के लिए पटना जाने का झंझट खत्म.. बिहारशरीफ में खुला रिपेयरिंग सेंटर

नालंदा,नवादा और शेखपुरा वालों के लिए पटना जाने का झंझट खत्म.. बिहारशरीफ में खुला रिपेयरिंग सेंटर

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नालंदा,नवादा और शेखपुरा जिलावालों के लिए अच्छी खबर है । ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग के लिए अब पटना जाने का झंझट खत्म हो गया। क्योंकि अब इन तीन जिलों के ट्रांसफॉर्मर की रिपेयरिंग बिहारशरीफ में ही होगी। पहले इसकी रिपेयरिंग के लिए पटना ले जाना होता था। जिससे एक तो 20 हजार रुपए से ज्यादा का खर्च होता था। साथ ही समय भी ज्यादा लगता था। जिससे गर्मियों के दिनों में लोगों को काफी समस्या का सामना करना पड़ता था। खासकर ग्रामीण इलाकों में लोगों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता था।

तीन जिलों के ट्रांसफॉर्मर की होगी मरम्मति
बिहारशरीफ स्थित वर्कशॉप में नालंदा के अलावा शेखपुरा और नवादा के खराब पीटी सीटी ट्रांसफार्मर को बनाया जाएगा। विभाग के सीनियर इलेक्ट्रिशियन बद्री प्रसाद ने बताया कि बिहारशरीफ और नवादा जिले को मिलाकर कुल 70 पावर सब स्टेशन हैं। पावर सब स्टेशनों में ही पीटी और सीटी ट्रांसफार्मर का उपयोग किया जाता है। उन्होंने बताया कि बिहारशरीफ में वर्कशॉप खुल जाने से खर्च तो बचेगा ही समय की भी बचत होगी।

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महज 5 हजार में ठीक होंगे ट्रांसफॉर्मर
सीटी पीटी लैब पर बिहारशरीफ के निर्माण पर मात्र 20 हजार खर्च हुआ है। एक महीने में 15 से 20 खराब ट्रांसफार्मर यहां ठीक किये जा सकेंगे। जिसपर महज पांच हजार रुपए खर्च होंगे। इस लैब में 10 इलेक्ट्रिशियन काम करेंगे। साथ ही ये लोग पावर सब स्टेशन और विद्युत बिच्छेदन के कार्य को भी देखेंगे। अब एक ट्रांसफार्मर भी खराब हुआ तो फौरन उसे ठीक किया जा सकेगा।

60 से 70 हजार है ट्रांफार्मर की कीमत
एक ट्रांसफार्मर की कीमत 60 से 70 हजार रुपए आती है। पहले खराब होने पर कबाड़ का भाव बेच दिया जाता था। इसके बाद पटना में एक रिपेयरिंग सेंटर खोला गया जहां मरम्मत के लिए भेजा जाने लगा। ऐसे में जब तक 15 से 20 खराब नहीं होता था तब तक भेजा नहीं जाता था। लाने-ले जाने पर करीब 20 हजार रुपये खर्च होते थे और महीनों समय लग जाता था।

कर्मियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
बिहारशरीफ विद्युत कार्यालय में आठ नवनियुक्त बटन परिचालक और कनीय सारिणी पुरुष के पद पर बहाल कर्मियों को 15 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्हें पावर सब स्टेशन सीटी पीटी, बैट्री कनेक्शन, बीसीबी, वैक्यूम, सर्किट ब्रेकर, लाइन विच्छेदन, करंट मापन आदि के बारे में बताया जा रहा है। सीनियर इलेक्ट्रिशियन से ट्रेनर बद्री प्रसाद ने बताया कि नवादा और नालंदा जिले के 8 कर्मी ट्रेनिंग ले रहे हैं। इन्हें पावर सब स्टेशन और फिल्ड में भेजा जाएगा।

क्या है पीटी सीटी का काम
पावर सब स्टेशन में प्रयोग किए जाने वाले पीटी सीटी ट्रांसफार्मर पर ही विद्युत आपूर्ति व्यवस्था निर्भर करती है। पीटी का काम वोल्टेज कंट्रोल और सीटी का काम करंट कंट्रोल करने का है। इसमें से एक भी खराब होता है तो पूरी व्यवस्था ही बिगड़ जाती है।

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