रामविलास पासवान की मौत पर उठे सवाल.. जानिए क्यों उठी जांच की मांग

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बिहार विधानसभा चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी की करारी हार के बाद चिराग पासवान पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। पहले चिराग के नेतृत्व पर सवाल उठे। अब पार्टी के पूर्व सुप्रीमो और चिराग पासवान के पिता रामविलास पासवान की मौत पर सवाल उठने लगे हैं। रामविलास पासवान की मौत की जांच की मांग की गई है.

‘जेल में होंगे चिराग’
लोकजनशक्ति पार्टी के प्रदेश महासचिव रहे रामनाथ रमन ने चिराग पासवान पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने चिराग के पिता पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन पर सवाल उठाया। कहा कि वे मरे नही हैं, बल्कि उनकी जान ली गई है। उन्हें दो महीने तक हॉस्पिटल में कैद करके रखा गया। इसकी जांच होनी चाहिए। इन मामलों की जांच हो जाए तो चिराग पासवान जेल में होंगे।

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जेडीयू में शामिल हुए रामनाथ रमन
गुरुवार को रामनाथ रमन ने लोक जनशक्ति पार्टी का दामन छोड़कर जनता दल यूनाइटेड में शामिल हो गए हैं. गुरुवार को LJP के 18 जिलाध्यक्षों और 5 प्रदेश महासचिवों समेत 208 नेताओं के JDU में शामिल होने के रूप में सामने आया। पटना के जदयू कार्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष RCP सिंह ने सभी को पार्टी में शामिल कराने की औपचारिकता पूरी की। जदयू की ओर से प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, महेश्वर हजारी और गुलाम रसूल बलियावी भी मौजूद थे।

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पिछले साल हुआ था पासवान का निधन
पिछले साल 8 अक्टूबर को पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का निधन हो गया था। 74 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली थी। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उन्होंने राजनीति में एक लंबा समय बिताया है। रामविलास पासवान वीपी सिंह, एचडी देवेगौड़ा, इंद्रकुमार गुजराल, अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी इन सभी प्रधानमंत्रियों के ‘कैबिनेट’ में अपनी जगह बनाने वाले शायद एकमात्र व्यक्ति थे।

1969 में पहली बार पहुंचे थे बिहार विधानसभा
राजनीति की नब्ज पकड़ने वाले रामविलास पासवान पहली बार 1969 में एक आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र से संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के सदस्य के रूप में बिहार विधानसभा पहुंचे थे। 1974 में राज नारायण और जेपी के प्रबल अनुयायी के रूप में लोकदल के महासचिव बने थे। वे व्यक्तिगत रूप से राज नारायण, कर्पूरी ठाकुर और सत्येंद्र नारायण सिन्हा जैसे आपातकाल के प्रमुख नेताओं के करीबी रहे हैं।

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