
बिहार सरकार में अब चतुर्थ वर्गीय अथवा समूह घ शब्द का प्रयोग नहीं किया जाएगा। ना ही आदेशपाल और चपरासी शब्दों का प्रयोग किया जाएगा। इसकी जगह कार्यालय परिचारी या परिचारी (विशिष्ठ) शब्द का प्रयोग होगा। ये फैसला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट में लिया गया।
ग्रेड पे की जगह वेतन स्तर
बिहार में सरकारी नौकरियों में वेतन के लिए अब ग्रेड पे की जगह वेतन स्तर शब्द का प्रयोग होगा। इसी आधार पर पदों का वर्गीकरण होगा। समूह क में वेतन स्तर संरचना 11 से 14, समूह ख में वेतन स्तर छह से नौ, समूह ग में वेतन स्तर एक से पांच होगा। अखिल भारतीय सेवाओं के सभी पद समूह क में रहेंगे।
जजों का वेतन बढ़ा
बिहार न्यायिक सेवा के सभी श्रेणी के पदाधिकारियों को एक जनवरी 2016 के प्रभाव से मूल वेतन पर 30 फीसदी वृद्धि करने का निर्णय हुआ। साथ ही बिहार न्यायिक सेवा के सेवानिवृत पदाधिकारियों को पेंशन/पारिवारिक पेंशन पर 30 फीसदी की वृद्धि की गई।
को-ऑपरेटिव बैंक को सात फीसदी ब्याज पर लोन
वित्तीय वर्ष 2018-19 से बिहार राज्य सहकारी बैंकों को दी जाने वाली राशि पर राज्य सरकार अब नौ की जगह सात फीसदी ब्याज लेगी। इससे जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों को 7.25 फीसदी ब्याज पर राशि दी जाएगी। जिला बैंक से पैक्सों/व्यापार मंडलों को आठ फीसदी ब्याज पर लोन दिया जाएगा।
शिक्षकों के वेतन के लिए 1436 करोड़ स्वीकृत
प्रारंभिक शिक्षकों के वेतन के लिए 1436 करोड़ जारी करने की स्वीकृति कैबिनेट ने दी। इस राशि से 66104 शिक्षकों को वेतन मिलेगा। गौरतलब है कि अप्रैल से इनका वेतन बकाया है।
पीएमसीएच में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा
पीएमसीएच में किडनी ट्रांसप्लांट का कार्य प्रारंभ करने के लिए संस्थान के ट्रांसप्लांट विभाग और नेफ्रोलॉजी विभाग के लिए विभिन्न स्तर के 88 नये पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।
पटना डेंटल कॉलेज में पीजी की पढ़ाई
पटना डेंटल कॉलेज में पीजी की पढ़ाई शुरू करने के लिए विभिन्न प्रकार के शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक के 25 पदों के सृजन की स्वीकृति कैबिनेट ने दी। इसी प्रकार भोजपुर, वैशाली और बांका में राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों के लिए प्रति संस्तान 64 शैक्षणिक और 51 गैर शैक्षणिक पदों के सृजन की भी स्वीकृति दी गई।