
पटना-हावड़ा मेनलाइन पर किऊल जंक्शन और जमुई स्टेशन के बीच पाटलिपुत्रा एक्सप्रेस जिसे पटना-हटिया एक्सप्रेस से भी जाना जाता है। उसमें लूटपाट की वारदात सामने आई है। हथियार के बल पर बदमाशों ने रेलयात्रियों से लूटपाट की। बदमाशों ने यात्रियों के मोबाइल, जेवरात और कैश छीन लिए और कुंदर हॉल्ट से थोड़ा पहले उतरकर भाग निकले। ट्रेन वैक्यूम कर लूटपाट करने के दौरान विरोध करने पर बदमाशों ने यात्रियों के साथ मारपीट भी की। वहीं, कुछ महिला यात्रियों संग छेड़छाड़ की भी बात कही जा रही है। घटना के बाद कुंदर हॉल्ट पर ट्रेन करीब 20 मिनट तक रुकी रही। घटना मंगलवार रात करीब आठ बजे की है, जब 18621 डाउन पटना-हटिया पाटलिपुत्रा एक्सप्रेस भलूई हॉल्ट से ट्रेन जमुई की ओर चली थी। बदमाशों ने उतरकर भागने के दौरान ट्रेन पर रोड़ेबाजी भी की और एसी बोगी के शीशे तोड़ डाले। पटना से दोपहर 3 बजकर 5 मिनट पर पटना-हटिया एक्सप्रेस जब जमुई और कुंदरा के बीच पहुंची कि अचानक ट्रेन की एसी टू की बोगी में डकैतों ने हमला कर दिया। छह की संख्या में चढ़े डकैतों ने ट्रेन की खिड़की के शीशे तोड़ डाले और बोगी को अपने कब्जे में लेकर आधे घंटे तक जमकर उत्पात मचाया। छह की संख्या में ट्रेन में चढ़े डकैत हथियारों से लैस थे। उनके पास गंड़ासे और लाठियां थीं जिससे उन्होंने यात्रियों पर हमला कर दिया, जिसमें कई यात्री घायल हो गए हैं। फिर डकैतों ने यात्रियों को चुपचाप बैठे रहने की हिदायत दी और फिर उनके पास से गहने और पैसे आदि लूट लिए। ट्रेन में सफर कर रहे लोगों ने बताया कि ट्रेन में सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं थी। डकैत आराम से ट्रेन में चढ़े और खिड़कियों के शीशे तोड़ डाले। आधे घंटे तक उत्पात मचाया लेकिन ट्रेन में कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। आपको बता दें कि 2014 में रांची पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस में भी डकैतों ने इसी प्रकार घटना को अंजाम दिया था। तब डकैती कोडरमा से गझंडी स्टेशन के बीच हुई थी और गया में एफआईआर दर्ज की गई थी।