
सावन शुरू हो गया है। सावन को भगवान भोले का महीना कहा जाता है। शास्त्रों के मुताबिक सावन में हर दिन पूजा-अर्चना करने वाले भक्तों पर भगवान शिव की कृपा बनी रहती है, लेकिन सोमवारी का विशेष महत्व है। श्रद्धालुओं को सावन की सभी सोमवारी करनी चाहिए। मंदिर जाकर शिवलिंग का दूध और गंगा जल से अभिषेक करना चाहिए। साथ ही ओम नम: शिवाय का जाप करने से भगवान भोले प्रसन्न होते हैं।
कब-कब सोमवारी है
30 जुलाई : पहली सोमवार
06 अगस्त : दूसरी सोमवार
13 अगस्त : तीसरी सोमवार
20 अगस्त : चौथी सोमवारी
किस सोमवारी को कौन सी शिवामुट्ठी चढ़ाई जाती है
पहले सोमवार को कच्चे चावल एक मुट्ठी
दूसरे सोमवार को सफेद तिल्ली चढ़ाया जाता है
तीसरे सोमवार को खड़े मूंग की एक मुट्ठी चढ़ाना चाहिए
चौथे सोमवार को जौ एक मुट्ठी चढ़ाने का महत्व है
कैसे करें पूजा
सुबह स्नान आदि करके तन -मन से पवित्र होकर मंदिर जाएं या घर के मंदिर में ही शिव की पूजा करे। भगवान शिव के साथ माता पार्वती और नंदी को पंचामृत जल अर्पित करें। पंचामृत जल अर्पित करने के बाद शिवलिंग पर एक-एक करके सभी सामग्री चढ़ाएं और शिव मंत्र :ॐ नमः शिवाय ” का जाप करते रहें । शिवलिंग की कभी पूरी परिक्रमा नहीं करनी चाहिए। आधी परिक्रमा करना ही शुभ होता है। इसके बाद मंदिर में कुछ देर बैठकर मन ही मन में ‘ऊं नम: शिवाय’ मंत्र का जाप करें.
शिवजी से मनचाहा वरदान पाने के लिए ऐसे करें अभिषेक
– सावन में रोज 21 बिल्वपत्रों पर चंदन से ‘ऊं नम: शिवाय’ लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं. इस एक उपाय से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी.
-अगर घर में किसी भी प्रकार की परेशानी हो तो सावन में रोज सुबह घर में गोमूत्र का छिड़काव करने के साथ ही गुग्गुल धूप जलाएं.
-विवाह में आ रही अड़चन दूर करने के लिए सावन में रोज शिवलिंग पर केसर मिला दूध चढ़ाएं. इससे विवाह के योग जल्दी बनते हैं.