
स्वास्थ्य निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नालंदा जिला के राजगीर स्थित बुद्धा इंस्टीच्यूट ऑफ हेल्थ एजुकेशन की मान्यता रद्द कर दी है. यानि अब यहां से पढाई करने वाली छात्रा को ANM की डिग्री वैध नहीं होगी.
क्या है पूरा मामला
दरअसल, स्वास्थ्य निदेशालय ने 7 मई को राजगीर के बेलदार बिगहा स्थित बुद्धा इंस्टीच्यूट ऑफ हेल्थ एजुकेशन की विशेषज्ञ समिति द्वारा औचक निरीक्षण कराया गया था। जांच के दौरान संस्थान में कई खामियां पायी गई थी। जिसके बाद संस्थान से स्पष्टीकरण पूछा गया था। संस्थान द्वारा स्पष्टीकरण के प्रत्येक बिन्दु पर गुमराह करने का प्रयास किया गया था।
एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट में क्या है
विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि संस्थान के निरीक्षण के समय सिर्फ प्रिंसिपल और एक शैक्षणिक कर्मचारी ही उपस्थित थे। लेकिन कोई गैर-शैक्षणिक कर्मचारी मौजूद नहीं था. साथ ही जांच के दौरान एक भी छात्रा उपस्थित नहीं थी। साथ ही लाइब्रेरी में पुस्तक एवं पत्रिका उपलब्ध नहीं थी। क्लास रूम में बेंच पर धूल की परत जमी थी,जिससे स्पष्ट है कि कक्षाएं संचालित नहीं हो रही थी।
हॉस्टल में छात्राएं नहीं मिली
एक्सपर्ट कमेटी द्वारा जांच के दौरान एएनएम हॉस्टल में कोई भी छात्रा उपस्थित नहीं पायी गई। साथ ही भवन भी सुरक्षित नहीं पाया गया। जांच में त्रुटियों के आधार पर संस्थान की मान्यता को जारी रखने का कोई औचित्य प्रतीत नहीं होता है।
मान्यता हुई रद्द
जिसके बाद स्वास्थ्य सेवा बिहार के निदेशक प्रमुख ने बुद्धा इंस्टीच्यूट ऑफ हेल्थ एजुकेशन के अंतर्गत संचालित एएनएम प्रशिक्षण पाठ्यक्रम संचालन के लिए प्रदत्त मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।बुद्धा इंस्टीच्यूट ऑफ हेल्थ एजुकेशन की मान्यता रद्द किया जाना निजी क्षेत्र में संचालित सभी नर्सिंग प्रशिक्षण संस्थानों के लिए हर हाल में मानक अनुरूप गुणवत्ता सुनिश्चित करने का सीधा- साधा संदेश है।