
नालंदा थाना के थानाप्रभारी बिगाऊ राम की मुश्किलें बढ़ गई है । दारोगा बिगाऊ राम पर झूठे मुकदमें में फंसाने का आरोप लगा है। दरअसल, बिगाऊ राम ने दो अप्रैल को झींगनगर के रहने वाले रवि कुमार को गिरफ्तार किया था । रवि राजगीर से बिहारशरीफ लौट रहे थे तभी नालंदा थाना के पास उनकी गाड़ी रूकवाई गई और उनकी गाड़ी की चेकिंग की गई। नालंदा थाना के प्रभारी बिगाऊ राम ने दावा किया कि रवि कुमार के इंडिका कार में देसी शराब के दो पाउच मिले हैं। जिसके बाद रवि को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया । लेकिन रवि कुमार ने खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए विशेष उत्पाद न्यायाधीश इशरत उल्ला को आवेदन देकर जांच कराने की मांग की। जिसपर कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए नालंदा थानाध्यक्ष बिगाऊ राम से स्पष्टीकरण मांगा है। मांगे गए स्पष्टीकरण की कॉपी एसपी को भेजते हुए दो दिनों में न्यायालय में उपस्थित होकर जवाब देने को कहा गया है।
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आरोपी के अधिवक्ता श्याम सुंदर कुमार ने बताया कि रवि कुमार की गाड़ी को दो अप्रैल को राजगीर से बिहारशरीफ लौटने के क्रम में नालंदा थाना के पास रूकवाई। तलाशी में कुछ नहीं मिला। बावजूद थानाध्यक्ष ने आरोपी से 20 हजार रुपए की मांग की। नहीं देने पर इंडिगो गाड़ी में नाजायज तरीक से 200 एमएल का दो पाउच देसी शराब की बरामदगी दिखाते हुए एफआईआर कर जेल भेज दिया था। रिमांड के समय चार अप्रैल को आरोपी ने शपथ पत्र के साथ आवेदन देकर पूरे मामले की जांच कराने की गुहार लगायी थी। जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए हाजिर होने का आदेश दिया है ।