
लगता है हिलसा के एसयू कॉलेज की अच्छे दिन आने वाले हैं । यूजीसी यानि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की टीम बुधवार को एसयू कॉलेज पहुंची और कॉलेज का निरीक्षण किया। साथ ही कॉलेज में गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण नहीं होने पर नाराजगी जताई। साथ ही हर हाल में गर्ल्स हॉस्टल बनाने का आदेश दिया । टीम के सदस्यों ने इसके लिए लिखित आश्वासन दें कि तय समय तक कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। टीम के सदस्यों ने कहा कि अगर कोई निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न करता हो तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करें। टीम में यूजीसी के कोलकाता रिजन के चेयरमैन एस डॉन, मगध विश्वविद्यालय के सीसीडीसी यूएन वर्मा और डीन सीताराम सिंह शामिल थे।
आठ वर्ष से लंबित है हॉस्टल का निर्माण :-
एसयू कॉलेज में ग्लर्स हॉस्टल का निर्माण कार्य करीब आठ वर्ष से लंबित है। प्रभारी प्रचार्य परमानंद पंडित ने बताया कि वर्ष 2010 में निर्माण कार्य शुरु हुआ। यूजीसी से मिले रुपये के अलावा कॉलेज द्वारा तय अंशदान मिलाकर करीब चौबीस लाख रुपये का भुगतान ठेकेदार को कर दिया। निर्माण कार्य के दौरान एक कथित महंथ द्वारा विवाद किया गया। विवाद का निपटारा भी एसडीओ कोर्ट द्वारा कर दिया गया। बावजूद इसके कथित महंथ जबरन कॉलेज की जमीन पर काबिज होकर निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर इस बार कथित महंथ द्वारा निर्माण कार्य में बाधा डाला जाता है तो कॉलेज प्रशासन कानून सम्मत कार्रवाई करने को बाध्य होगा।
हॉस्टल का निर्माण नहीं होने पर कॉलेज को लग सकता है झटका:-
यूजीसी टीम के आदेश के बावजूद अगर गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण नहीं हो पाता है एसयू कॉलेज को बड़ा झटका लग सकता है। जानकार बताते हैं कि यूजीसी द्वारा कॉलेज को समय-समय पर आर्थिक मदद की जाती है। अगर कार्य पूरा करके उपयोगिता प्रमाणपत्र नहीं दिया जाएगा तो यूजीसी न केवल एसयू कॉलेज को ब्लैक लिस्टेड कर देगा, बल्कि किसी भी तरह की आर्थिक मदद नहीं करेगा।