
बिहार में कानून व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है । इसके लिए बड़े पैमाने पर दारोगा और एएसआई के भर्ती की जाएगी। नीतीश कैबिनेट ने थानास्तर पर विधि-व्यवस्था और अनुसंधान शाखा के गठन के लिए पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा) और सहायक पुलिस अवर निरीक्षकों (एएसआइ) के कुल 7,807 नए पदों के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। जिसमें 5244 पद दारोगा के जबकि 2603 पद एएसआइ के होंगे। साथ ही साइबर क्राइम यूनिट में कुल 740 नए पदों का सृजन किया गया है। जिसमें पुलिस निरीक्षकों के 74 पद, प्रोग्रामर के 74 पद, पुलिस अवर निरीक्षक के 222 पद, सिपाही (डाटा सहायक) के 222 पद और सामान्य सिपाही के 148 पद शामिल हैं। नीतीश कैबिनेट की बैठक के बाद गृह विभाग के प्रधान सचिव आमिर सुबहानी ने कहा कि अनुसंधान पदाधिकारियों को विधि-व्यवस्था में लगाने पर अनुसंधान प्रभावित होता है। सुबहानी के मुताबिक अनुसंधान में शामिल पुलिस पदाधिकारियों के लिए अलग से ट्रेनिंग की व्यवस्था की जा रही है। उन्हें फॉरेंसिंक जांच के बारे में भी बताया जाएगा। साथ ही ये भी सिखाया जाएगा कि वो कैसे घटनास्थल से वैज्ञानिक तरीके से सबूत इक्ठा कर सकते हैं। इसके अलावा बिहार लोक सेवाओं का अधिकार कानून के तहत संविदा के आधार पर 534 कार्यपालक सहायक के नए पदों के लिए सृजन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही इसकी अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।