
नालंदा जिला में अगवा डॉक्टर के अपहरण की गुत्थी सुलझ गई है। नालंदा पुलिस ने उसे पश्चिम बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर से बरामद किया है। साथ ही एक अपहरणकर्ता को भी गिरफ्तार किया है। 15 मई को नालंदा जिला के चंडी थाना के सतनाग गांव के रहने वाले झोला छाप डॉक्टर प्रवीण कुमार उर्फ दीपू का अपहरण हुआ था। अपहरणकर्ताओं ने अगवा झोलाछाप डॉक्टर के परिजनों से फिरौती के तौर पर चार लाख रुपए की फिरौती मांगी थी। जिसके बाद झोलाछाप डॉक्टर के परिजनों चंडी थाना में अपहरण का केस दर्ज कराया। अपहरण का मामला दर्ज होते ही नालंदा पुलिस एक्शन में आ गई। नालंदा के पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार पोरिका ने हिलसा के डीएसपी मोहम्मद मुत्फीक अहमद के नेतृत्व के टीम का गठन किया। जिसमें चंडी के थाना प्रभारी मुकेश कुमार को भी शामिल किया। पुलिस ने पहले उस नंबर को ट्रैस किया जिस नंबर से फिरौती की रकम मांगी गई थी। नालंदा पुलिस ने इस मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया और इससे अपराधियों के लोकेशन को ट्रैक करने लगी। लोकेशन ट्रैक करते हुए नालंदा पुलिस उत्तरी दिनाजपुर के मैना गुड़ी लारूखुआ गांव पहुंची। पुलिस को पहुंचने की सूचना अपराधियो को मिल गई। जिससे पांच में से चार बदमाश तो भागने में कामयाब रहे लेकिन एक बदमाश और अगवा झोलाछाप डॉक्टर प्रवीण को पुलिस ने बरामद कर लिया। फिर ट्रांजिट रिमांड पर लेकर उसे नालंदा लेकर आई। नालंदा के एसपी सुधीर कुमार पोरिका के मुताबि फरार चार बदमाशों में से दो चंडी के झाडू फैक्ट्री में करता है। इसी दोनों से झोलाछाप डॉक्टर प्रवीण की दोस्ती हो गई थी। 15 मई को उनलोगों ने किसी काम के सिलसिले में उसे पटना चलने को कहा। फिर तीनों पटना चल दिए। लेकिन रास्ते में ही उसे नशीला पदार्थ पिलाकर उसका अपहरण कर लिया। इसके लिए उसने तीन और साथियों को पश्चिम बंगाल से बुलाया था।