
बिहार विधानसभा चुनाव के बाद सूबे के किसानों को बड़ा झटका लगा है. नीतीश सरकार ने किसानों को मिलने वाली करीब 10 साल पुरानी योजना को बंद करने का एलान कर दिया है. जिसे किसानों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है
डीजल पर अब नहीं मिलेगा अनुदान
बिहार में अब किसानों को डीजल अनुदान नहीं मिलेगा. बिहार सरकार ने एक दशक पुरानी योजना को बंद करने का फैसला लिया है. जिससे करीब 6 लाख किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है.
सरकार का क्या है कहना
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा है कि बिजली की उपलब्धता हर गांव में हो गयी है. साथ ही बिजली डीजल से सस्ती भी है. ऐसे में अब डीजल अनुदान की जरूरत नहीं है. मंत्री श्री सिंह ने कहा कि डीजल अनुदान नहीं दिया जायेगा इसकी सरकार ने मुकम्मल घोषणा नहीं की है. फिलहाल इस साल के लिए बंद किया गया है. पर्याप्त बिजली दी जा रही है और यह डीजल से सस्ती भी पड़ रही . डीजल अनुदान की मांग भी इतनी नहीं रह गयी है. जोर और जरूरत को ध्यान में रख कर यह निर्णय लिया गया है.
60 रुपए की दर से मिलता था अनुदान
बिहार में किसानों को तीन सिंचाई के लिए प्रति लीटर 60 रुपये की दर से अनुदान दिया जा रहा था. डीजल अनुदान योजना के तहत सरकार किसान को फसलों की डीजल पंप सेट से सिंचाई के लिए अनुदान राशि प्रदान करती आ रही थी. योजना के तहत बिहार के सभी किसानों को आर्थिक लाभ पहुंच रहा था. सबसे पहले तीस लाख से अधिक किसानों के खाते में डीजल अनुदान गया था.