
बिहारशरीफ सदर अस्पताल जिले का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। लेकिन हाल देखिए दो दिन से ब्लड बैंक का फ्रीज खराब है लेकिन अबतक न तो उसकी व्यवस्था हो पाई है और न ठीक करवाया गया है। यानि दो दिनों से फ्रीज काम नहीं कर रहा है ऐसे में ब्लड यूनिट को प्राइवेट नालंदा ब्लंड बैंक में रखा गया है। आपको बता दें कि रेड क्रॉस सोसायटी द्वारा सदर अस्पताल में संचालित ब्लड बैंक में तीन रेफ्रीजिरेटर हैं। हर रेफ्रीजीरेटर में तीन सौ ब्लड यूनिट रखने की क्षमता है। रेफ्रीजीरेटर खराब रहने के कारण ब्लड को सही तरीके से निजी ब्लड बैंक में रखा गया है। रोगी के जरूरत के मुताबिक वहां से रक्त मंगाकर दिया जा रहा है। सुबह 10 से शाम छह बजे तक ब्लड बैंक में फ्रीज में रक्त को रखा जा रहा है। शाम के बाद उसे वहां भेज दिया जाता है। लेकिन आवश्यकता पड़ने पर वहां से रात में भी ब्लड उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गयी है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है लगभग दो माह पहले भी ऐसी स्थिति बन गयी थी। कभी महीनों एक्स-रे मशीन खराब रहता है तो कभी अल्टासाउंड मशीन। सदर अस्पताल के मुखिया यानि सिविल सर्जन साहब इसे जल्द ठीक कराने की बात कह रहे हैं । लेकिन सवाल उठता है कि ये हाल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृहजिले के सबसे बड़े अस्पताल का है तो बाकी जगहों के बारे में आप खुद अंदाजा लगा लीजिए
जब रणभूमि में बदल गया बिहारशरीफ का सदर अस्पताल
बिहारशरीफ में प्राइवेट डॉक्टर और कोचिंग वाले हो जाएं सावधान.. क्योंकि