
बिहार में कोरोना का कहर जारी है . कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है । ऐसे में संक्रमण से बचाव के लिए पावापुरी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 100 बेड का स्पेशल आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है।
आइसोलेशन वार्ड की खासियत
पावापुरी के विम्स में बने स्पेशल आइसोलेशन वार्ड में संदिग्ध मरीजों को संगीत थेरेपी मिलेगी। ताकि कोरोना संक्रमण के अवसाद से दूर रहें। पूरी बिल्डिंग को सेनेटाइज किया गया है। आइसोलेशन वार्ड की इंचार्ज जीएनएम प्रतिमा कुमारी ने बताया कि वार्ड में अभी 5 संदेहास्पद मरीज हैं। फिलहाल 14 पीपीई किट, 80 यूनिवर्सल किट, एन-95 और सामान्य मास्क, सेनेटाइजर उपलब्ध है। आइसोलेशन वार्ड में जाने पर सफाई कर्मी यूनिवर्सल कीट का उपयोग करते हैं। बंद डस्टबिन में डंप किया जाता है।
ओपीडी सेवा शुरू
विम्स में ओपीडी सेवा की शुरुआत हो गई है .हालांकि लॉक डाउन और सूचना के अभाव में काफी कम मरीज ओपीडी में आये।
थर्मल स्क्रीनिंग भी शुरू
कोरोना से संक्रमण से सुरक्षा के लिए ओपीडी और इमरजेंसी के मेंन गेट पर थर्मल स्कैनर से जांच के बाद प्रवेश दिया जा रहा है। सफाई कर्मचारियों को मास्क और हैंड गलब्स दिया गया है। हेल्प डेस्क पर थर्मल स्कैनर भी उपलब्ध है।
106 डॉक्टर हैं तैनात
विम्स के अधीक्षक डॉ. ज्ञान भूषण कुमार ने बताया कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल पूरी तरह तैयार है। 100 बेड का वार्ड के साथ-साथ पर्याप्त संख्या में डॉक्टर और कर्मी उपलब्ध हैं। 106 डॉक्टर, 180 जीएनएम के अलावा 200 स्टॉफ और सफाई कर्मी उपलब्ध हैं।
लगायी जाएगी सैनिटाइजर मशीन
विम्स अस्पताल के मुख्य दरवाजे के अलावा इमरजेंसी और ओपीडी के मुख्य द्वार पर सेनेटाइजर मशीन लगाया जायेगा। इससे सभी मरीजों के साथ-साथ परिजनों को भी सैनिटाइजर की सुविधा मिलेगी। आइसोलेशन वार्ड में संदिग्ध मरीज के इलाज के लिए विशेष इंतेजाम किये जा रहे हैं ताकि पीपीई कीट की आवश्यकता कम पड़े।