
आप सोच में पड़ गए होंगे कि 1500 से लेकर 1700 क्विंटल बिकने वाला गेहूं कोई किसान 4000 रुपए क्विंटल कैसे बेच सकता है । लेकिन ये सच है । इंदल सिंह अपने खेत के गेहूं की पैकिंग और ब्रांडिग के चार हजार रुपए प्रति क्विंटल बेचते हैं । खास बात ये है कि वो अपना गेहूं बेचने बाजार भी नहीं जाते, बल्कि ग्राहक खुद उससे संपर्क करते हैं।
कौन हैं इंदल सिंह चौहान
इंदल सिंह चौहान मध्य प्रदेश के मंदसौर में रहने वाले हैं। वो अपना गेहूं 4000 रुपए प्रति क्विंटल बेचते हैं । इंदल बंसी प्रजाति का गेहूं बोते हैं और वो भी जैविक तरीके से, जिसके चलते उन्हें ग्राहक भी खोजने में दिक्कत नहीं होती। उनका कहना है कि उन्हें गेहूं बेचने में कभी दिक्कत नहीं होती। पिछले कई वर्षों से वे बेंग्लुरु गेहूं भेजते हैं। जो लोग अच्छा जैविक अनाज खाना चाहते हैं वो अच्छे रेट भी देते हैं।
रासायनिक खाद और कीटनाशक का प्रयोग नहीं
किसान इंदल सिंह चौहान का कहना है कि वो बाजार से खाद और कीटनाशक कभी नहीं खरीदते। बल्कि घर पर ही गोमूत्र, जीवामृत, वर्मी कंपोस्ट आदि की मदद से खेती करते हैं।
फेसबुक और व्हाट्स एप का इस्तेमाल
इंदल चौहान अपने खेत में जो कुछ भी करते हैं, उसकी बीच-बीच में फोटो फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुप पर डालते रहते हैं। इसका फायदा पूछने पर इंदल सिंह चौहान बताते हैं कि बीज बोने से लेकर कटाई तक की जानकारी में शेयर करता रहता हूं, ताकि लोगों का भरोसा बढ़ता है कि ये जैविक है। इसलिए लोग फेसबुक या व्हाट्सएप आदि पर संपर्क करते हैं।
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