
बजरंग दल का आठ दिवसीय शौर्य प्रशिक्षण शिविर नालंदा में शुरू हो गया। पतासंग के नालंदा विद्या मंदिर परिसर में प्रांतीय प्रशिक्षण में 22 जिलों के 200 कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम का उद्घाटन बजरंग दल के राष्ट्रीय सह संयोजक सोहन सिंह सोलंकी ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि युवाओं में धैर्य और शौर्य की कमी होती जा रही है। इसके कारण उनमें निहित ऊर्जा का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है। सोहन सिंह सोलंकी ने बताया कि शौर्य प्रशिक्षण शिविर में युवाओं को गुणवान, चरित्रवान, विद्यावान, बलशाली, राष्ट्रभक्त और शौर्यवान बनाया जाता है। इसके लिए संयमित जीवन और मर्यादित सीमाओं में रहना होगा। इसके लिए खुद को तपाना होगा।शिविर में चित्तरंजन, रजनीश, अजय, गौरव, कुंदन कुमार, दीपक, अमन, शुभम, अभिषेक समेत बजरंग दल के कई कार्यकर्ता लगे हैं। वहीें, इस मौके पर विश्व हिन्दू परिषद के जिला मंत्री आनंदी प्रसाद ने बताया कि धर्म, संस्कार, संस्कृति से ही इंसान में अच्छे संस्कार आते हैं। बजरंग दल के वर्ग अधिकारी परशुराम का कहना है कि पर्व त्योहार से अपनी सभ्यता और संस्कृति को समझने का मौका मिलता है। आज युवा पीढ़ी भटकाव के दौर से गुजर रही है। संस्कार से हटकर विकास का मार्ग ढूंढ रही है। लेकिन संस्कार से इतर कुछ भी नहीं मिल सकता है। हम अपनी ही विरासत को खोते चले जा रहे हैं। इसके लिए हिन्दुओं को अपनी ताकत पहचाननी होगी। लोगों को व्रत-त्योहार, संस्कृति व सभ्यता के बारे में भी बताया गया। साथ ही समाज के विघटनकारी ताकतों से एकजुट होकर लोहा लेने की अपील की।