
नालंदा ने एक होनहार बेटा खो दिया। भुवनेश्वर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी में पढ़ाई कर रहे है रोहित की पिकनिक मनाने के दौरान मौत हो गई। रोहित अपने दोस्तों के साथ कटक के बैरंग कैनाल में पिकनिक मनाने गया था। कनाल में स्नान करने के दौरान रोहित का फिसल गया और वो गहरे पानी में चला गया। उसके दोस्तों ने बचाने की कोशिश की लेकिन सब नाकाम रहे। दोस्तों ने वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों को आवाज लगाई। रोहित की तलाश में गोताखोर भी जुट गए। गोताखोरों को करीब पांच घंटे बाद रोहित मिला । लेकिन रोहित दुनिया को अलविदा कह चुका था। रोहित के मौत की खबर उसके कॉलेज में पहुंची। वहां सब लोग स्तब्ध रह गए। रोहित निफ्ट में फैशन डिजाइजिंग के सेकंड ईयर का स्टूडेंट था। कॉलेज प्रबंधन ने फोन पर इसकी जानकारी उसके परिजनों को दी। खबर सुनते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सोमवार को जब रोहित का शव उसके गांव मोहनपुर पहुंचा। गांव में कोहराम मच गया। सभी की आंखें नम हो गई। रोहित के मां के चीत्कार से पूरा गांव गमगीन हो गया। बेटे की लाश को देखते ही वो बेहोश गई। रोहित की दोनों बहनों एकता और स्वेता का भी हाल बेहाल है। पिता की आंखों के आंसू सूख गये थे। वह चुपचाप सिर्फ अपने बेटे के शव को देख रहे। गांव वालों के मुताबिक रोहित बचपन से ही पढ़ने में होशियार था। पिता शिवशरण जी के पास इतने पैसे नहीं थे कि बेटे को अच्छे पढ़ा पाते। लेकिन बेटे की पढ़ाई के लिए उन्होंने अपनी जमीन बेच दी। पिता शिव शरण ये कहते कहते रो पड़ते हैं कि जिसे अपने बुढ़ापे की लाठी समझा था और उसे हमें कंधा देना पड़ रहा है। सोचा था जमीन बेचकर जिस बेटे को पढ़ा रहा हूं वो कामयाब होकर बुढ़ापा में हमें सहारा देगा। लेकिन भगवान को कुछ और मंजूर था।